दो दिन पहले उत्तराखंड सरकार के ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर धामी जी छात्रों से संवाद कर रहे थे। इसी दौरान एक छात्रा ने बताया कि वह राष्ट्रीय स्तर की ताइक्वांडो खिलाड़ी है और उसका चयन अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए हुआ था। लेकिन उससे कथित तौर पर ₹1.5 लाख की मांग की गई। आर्थिक रूप से सक्षम न होने के कारण वह देश का प्रतिनिधित्व करने का अपना सपना पूरा नहीं कर सकी।
और मुख्यमंत्री जी का जवाब था— “चलो बेटा, अभी बैठ जाओ, कोई बात नहीं।”
सोचिए, जिस खिलाड़ी ने देश के लिए पदक जीतने का सपना देखा, उसकी मेहनत और प्रतिभा के रास्ते में कथित भ्रष्टाचार दीवार बन गया। ऐसे गंभीर मामले पर “कोई बात नहीं” कहना बिल्कुल भी सामान्य बात नहीं है।
मुख्यमंत्री @pushkardhami जी, यह किसी खिलाड़ी की शिकायत को टाल देने का विषय नहीं है। यह हमारे खिलाड़ियों के भविष्य, उनकी मेहनत और खेल व्यवस्था में पारदर्शिता से जुड़ा गंभीर सवाल है। मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
और सवाल इससे भी बड़ा है—बताया जा रहा है कि कार्यक्रम का यह वीडियो बाद में @BJP4UK, सरकार के @DIPR_UK और सरकार से जुड़े कई सोशल मीडिया पेजों से हटा दिया गया।
एक गोल्ड मुख्यमंत्री पुष्कर धामी जी के “कोई बात नहीं” वाले जवाब के लिए, और दूसरा वीडियो गायब करने के लिए! 🥇🥇
यही रवैया रहेगा तो खिलाड़ियों के सपनों को सम्मान कैसे मिलेगा? खेल प्रतिभाओं को अवसर और पारदर्शी व्यवस्था चाहिए, न कि “कोई बात नहीं” कहकर उन्हें चुप करा देना।
खिलाड़ियों के सपनों से समझौता नहीं होना चाहिए।
Hardoi, Hardoi | Aug 13, 2026