Foundation-cum-Induction Training Programme के उद्घाटन समारोह में जिला पदाधिकारी ने लगभग 1800 प्रशिक्षुओं को दिया मार्गदर्शन।
29 सेवाओं के प्रशिक्षुओं को योजनाओं, उद्देश्यों, चुनौतियों एवं दायित्वों से कराया अवगत।
बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (BIPARD), गया द्वारा आयोजित Foundation-cum-Induction Training Programme के उद्घाटन समारोह में जिला पदाधिकारी, नवादा श्री रवि प्रकाश शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन दिनांक 17 अगस्त 2026 को महाबोधि सांस्कृतिक केंद्र, बोधगया में माननीय राज्यपाल, बिहार की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया।
बीपीएससी 70वीं संयुक्त परीक्षा से चयनित 29 सेवाओं के लगभग 1800 नव नियुक्त पदाधिकारियों को जिला पदाधिकारी ने ओरिएंटेशन सेशन के दौरान उनकी संबंधित सेवाओं से जुड़ी प्रमुख योजनाओं, उद्देश्यों, कार्यक्षेत्र, चुनौतियों तथा भूमिका एवं दायित्वों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने प्रशिक्षुओं को बताया कि प्रत्येक सेवा की अपनी विशिष्ट भूमिका है, लेकिन सभी सेवाओं का अंतिम उद्देश्य प्रभावी प्रशासन एवं जनहित सुनिश्चित करना है।
उन्होंने सरकार के प्रमुख कार्यक्रमों एवं नीतिगत प्राथमिकताओं पर चर्चा करते हुए सात निश्चय-3 की अवधारणा एवं उसके उद्देश्यों के संबंध में प्रशिक्षुओं को विस्तारपूर्वक अवगत कराया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका सरकार की नीतियों एवं योजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने तथा उसका लाभ आम नागरिकों तक पहुंचाने में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्रशिक्षुओं को लोक सेवाओं का अधिकार (RTPS) तथा संबंधित ऑनलाइन शिकायत/सेवा प्रणालियों के माध्यम से आम नागरिकों को समयबद्ध एवं पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराने के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में तकनीक के प्रभावी उपयोग तथा सेवा वितरण की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने पर जोर दिया।
जिला पदाधिकारी ने प्रशिक्षणार्थियों को स्वास्थ्य, अनुशासन एवं व्यवहार-कुशलता के संबंध में भी मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा में कार्य करने वाले पदाधिकारियों के लिए मानसिक एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ रहना, अनुशासित कार्यशैली अपनाना तथा आमजनों के साथ विनम्र एवं संवेदनशील व्यवहार करना आवश्यक है।
उन्होंने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए प्रशिक्षुओं को इसके सजग एवं जिम्मेदार उपयोग के संबंध में भी मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक पदाधिकारियों को सोशल मीडिया के माध्यम से सूचना साझा करते समय तथ्यों की प्रामाणिकता, प्रशासनिक मर्यादा एवं जिम्मेदारी का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
अंत में, जिला पदाधिकारी ने प्रशिक्षुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं अनुभव को अपने सेवाकाल में व्यवहार में उतारना ही प्रशिक्षण की वास्तविक सफलता होगी।
नवादा से राकेश कुमार चन्दन की रिपोर्ट !