अल्मोड़ा जिला कार्यकारिणी का उक्रांद(ऐरी-धामी) से इस्तीफा उक्रांद डेमोक्रेटिक से लड़ेंगे चुनाव..
📰 प्रेस नोट
संगठनात्मक असहमति के बीच UKD के 15 पदाधिकारियों ने दिया इस्तीफा, सैकड़ों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में लिया निर्णय..
अल्मोड़ा, 30 सितंबर 2026
अल्मोड़ा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उत्तराखंड क्रांति दल से जुड़े 15 प्रमुख पदाधिकारियों द्वारा इस्तीफा देने की घोषणा की गई।प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे और संगठना त्मक निर्णय के संबंध में अपनी बात रखी।
इस्तीफा देने वाले पदाधिकारियों में—
1. विनोद बिष्ट — जिला उपाध्यक्ष
2. सचिन जोशी — जिला महामंत्री
3. रघुवर भाकुनी — जिला अध्यक्ष
4. पवन लटवाल — कार्यकारी अध्यक्ष
5. नरेंद्र सिंह बिष्ट — केंद्रीय संगठन मंत्री
6. नीरज सिंह मेहता — मंडल उपाध्यक्ष
7. पंकज सिंह बिष्ट — मंडल अध्यक्ष
8. पंकज भट्ट— बागेश्वर जिला महामंत्री
9. दीपा जोशी — जिला महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष
10. प्रियंका बिष्ट — संगठन मंत्री
11. किरण मेहरा — कोषाध्यक्ष
12. आरती आर्य — उपाध्यक्ष, शिलमोड़ा
13. मनीषा नेगी — उपाध्यक्ष
14. सरस्वती आर्य — उपाध्यक्ष, शिलमोड़ा महिला प्रकोष्ठ
15. सुंदर सिंह — हवालबाग
शामिल रहे।
इसके अलावा हिमांशु बिष्ट, गोपाल सिंह बिष्ट, मुकेश सिंह बिष्ट, सोनू नेगी, पूरन सिंह बिष्ट, निर्मल रजवार सागर क्ठायत योगेश पांडे मोहित कथ्यात शेखर कुमार सचिन राणा हेमू कनवाल ललित सिंह दिव्या नीतू प्रियंका राहुल बिष्ट नरेंद्र बिष्ट संकर महेरा खड़क राणा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं समर्थक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपस्थित रहे। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में सैकड़ों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही।
“व्यक्ति नहीं, संगठन और नियम सर्वोपरि”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पदाधिकारियों ने कहा कि उनका निर्णय किसी व्यक्तिगत विवाद के कारण नहीं, बल्कि संगठनात्मक कार्यप्रणाली, अनुशासन, स्पष्ट नियम एवं निर्णय प्रक्रिया को लेकर उत्पन्न असहमति के बाद लिया गया है।
उन्होंने कहा कि संगठन में पदाधिकारियों के अधिकार और जिम्मेदारियां स्पष्ट होनी चाहिए तथा निर्णय व्यक्ति विशेष, दबाव या रिश्तों से नहीं बल्कि संगठन के नियम और संविधान के अनुसार होने चाहिए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति के विरुद्ध व्यक्तिगत अभियान चलाना नहीं है।
“हम किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं हैं। हमारा सवाल संगठन की व्यवस्था और निर्णय लेने की प्रक्रिया को लेकर है। व्यक्ति से ऊपर संगठन और रिश्तों से ऊपर नियम एवं संविधान होना चाहिए।”
“दीवार में धक्का नहीं मारना चाहते”
नरेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि संगठन के भीतर रहते हुए उन्होंने अपनी बात रखने और समाधान निकालने का प्रयास किया, लेकिन जब उन्हें लगा कि उनके सवालों पर अपेक्षित स्पष्टता नहीं बन पा रही है, तो उन्होंने टकराव के बजाय अलग रास्ता चुनने का निर्णय लिया।
“हम दीवार में धक्का मारते नहीं रहना चाहते। हमारा उद्देश्य संघर्ष को बढ़ाना नहीं, बल्कि अपने विचार और उत्तराखंड के मुद्दों के लिए एक नया रास्ता चुनना है।”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी कहा गया कि आगे की राजनीतिक दिशा को लेकर कार्यकर्ताओं से संवाद जारी रहेगा और जल-जंगल- जमीन,रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पलायन तथा पहाड़ के अधिकार जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी।
जारीकर्ता:
नरेंद्र सिंह बिष्ट एवं इस्तीफा देने वाले पदाधिकारी/कार्यकर्ता
अल्मोड़ा, उत्तराखंड