प्रभारी कलेक्टर श्रीमती सृष्टि देशमुख गौड़ा ने किया सक्षम आंगनवाड़ी केन्द्र का औचक निरीक्षण.
कुपोषित बच्चों के पोषण और बुनियादी सुविधाओं में सुधार के लिए दिए सख्त निर्देश.
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रीवा जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन का जायजा लेने के उद्देश्य से आज प्रभारी कलेक्टर श्रीमती सृष्टि देशमुख गौड़ा ने बाल विकास परियोजना रीवा शहरी के अंतर्गत 'सक्षम आंगनवाड़ी केन्द्र' लखौरी बाग क्रमांक 6 का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नयन सिंह जिला कार्यक्रम अधिकारी (महिला एवं बाल विकास), पर्यवेक्षक राधा मिश्रा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पूनम श्रीवास्तव और सहायिका लता बंसल उपस्थित रहीं। प्रभारी कलेक्टर ने केन्द्र में बच्चों की उपस्थिति, टीकाकरण और पोषण आहार की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान केन्द्र में महिलाओं के लिए डिजिटल वजन मशीन उपलब्ध न होने और बिजली बंद पाए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी को तत्काल नई वजन मशीन की आपूर्ति सुनिश्चित करने और बिजली व्यवस्था बहाल करने के सख्त निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य में त्वरित सुधार लाने की दिशा में भी अहम निर्देश दिए गए। प्रभारी कलेक्टर ने कुपोषित बच्चों को 'थर्ड मील' (तीसरे भोजन) के रूप में बिस्किट, चिक्की और सत्तू इत्यादि उपलब्ध कराने पर जोर दिया। इसके लिए स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु विभाग से तत्काल प्रस्ताव मांगा गया है, ताकि जिला स्तर पर शीघ्र निर्णय लेकर इसे लागू किया जा सके। इसके साथ ही, नई व्यवस्था के तहत स्व-सहायता समूहों द्वारा टेक होम राशन (टीएचआर) की आपूर्ति की भी समीक्षा की गई। कार्यकर्ता द्वारा अवगत कराया गया कि अगस्त और सितम्बर माह की सामग्री बांटी जा चुकी है, जिस पर प्रभारी कलेक्टर ने निर्देशित किया कि अक्टूबर 2026 की सामग्री का वितरण हर हाल में 15 अक्टूबर तक पूर्ण कर लिया जाए।
बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की पौष्टिकता और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए प्रभारी कलेक्टर ने मैदानी अमले को विशेष हिदायत दी। उन्होंने निर्देश दिए कि आंगनवाड़ी परिसर में लगे सहजन (मुनगा) के पेड़ की पत्तियों और मौसम के अनुकूल अन्य ताजी सब्जियों का उपयोग बच्चों के भोजन में अनिवार्य रूप से किया जाए। इसके अतिरिक्त, जिले के सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों में स्वच्छता और पोषण के मानकों को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उन्होंने निर्देशित किया कि जिले में कार्यरत समस्त रसोइयों का खंड (ब्लॉक) स्तरीय कार्यालयों में प्रशिक्षण कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।
CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Department Of Women Child Development, Madhya Pradesh Jansampark Madhya Pradesh
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