श्री राधा माधव संकीर्तन मंडल की रासलीला: छठे दिन महिषासुर वध की लीला का मंचन
BareillyLive: श्री राधा माधव संकीर्तन मंडल के तत्वावधान में आयोजित रासलीला एवं भक्त लीला के छठे दिन वृंदावन से पधारे स्वामी देवकीनंदन महाराज की मंडली द्वारा महिषासुर मर्दिनी मां दुर्गा की लीला का भव्य मंचन किया गया।
कार्यक्रम का विवरण:
सोमवार, 5 अक्टूबर की शाम को बाबा त्रिवटीनाथ मंदिर के कृष्ण कथा स्थल पर आयोजित इस पावन कार्यक्रम में स्वामी देवकीनंदन महाराज ने महिषासुर के अहंकार, उसकी तपस्या, ब्रह्मा जी से वरदान प्राप्ति और अंत में मां दुर्गा द्वारा उसके वध की पौराणिक कथा का विस्तृत वाचन एवं मनोहारी मंचन किया।
महाराज जी ने बताया कि महिषासुर के मन में तीनों लोकों पर अपना साम्राज्य स्थापित करने का दुष्विचार था, किंतु वह समझता था कि वह देवताओं को सीधे युद्ध में पराजित नहीं कर पाएगा। अतः उसने वर्षों तक कठोर तपस्या की। उसकी तपस्या की चर्चा तीनों लोकों में फैल गई और प्रसन्न होकर ब्रह्मा जी प्रकट हुए। महिषासुर ने वरदान मांगा कि कोई पुरुष, दानव या देवता उसका वध न कर सके। ब्रह्मा जी ने 'तथास्तु' कहकर वरदान दिया, किंतु महिषासुर यह भूल गया कि कोई स्त्री भी उसका अंत कर सकती है।
वरदान पाकर महिषासुर ने तीनों लोकों में हाहाकार मचाना शुरू कर दिया। उसने स्वर्ग पर आक्रमण कर दिया। देवताओं ने पूरे जोश के साथ युद्ध किया, किंतु उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा और स्वर्ग पर महिषासुर का राज्य स्थापित हो गया। तब सभी देवताओं ने अपनी-अपनी शक्ति, तेज और ऊर्जा से महाशक्तिशाली मां दुर्गा को प्रकट किया। सभी देवताओं ने अपनी शक्तियां और अस्त्र-शस्त्र माता को अर्पित किए। माता के अनेक हाथ थे और प्रत्येक हाथ में दिव्य अस्त्र-शस्त्र विराजमान थे। उन्हें 'शक्ति' नाम दिया गया।
माता दुर्गा ने महिषासुर की असंख्य सेना से पूरे जोश के साथ युद्ध किया। अंत में जब महिषासुर को ज्ञात हुआ कि उसकी सेना नष्ट होती जा रही है, तो वह स्वयं युद्ध के लिए आया। उसने भैंसे, शेर, हाथी और मानव आदि तरह-तरह के रूप धारण कर माता से लड़ाई की, किंतु माता ने अपने दिव्य शस्त्रों द्वारा उसे पराजित किया और त्रिशूल से वार कर उसका वध कर दिया। महिषासुर के वध होते ही तीनों लोकों में माता की जय-जयकार होने लगी, आतंक का अंत हुआ और सभी देवी-देवताओं ने फूलों की वर्षा की। शांति का वातावरण स्थापित हो गया।
यजमान एवं सहयोगी परिवार:
मीडिया प्रभारी कैलाश चंद्र शर्मा ने बताया कि आज के यजमान परिवार में सी. ऐ. प्रकाश शर्मा, ओम प्रकाश मालू, आशीष मालू, विकास चंद्र शर्मा कमेटी, कैंट विधायक संजीव अग्रवाल, खुश्लोक हॉस्पिटल से डॉक्टर विनोद पागरानी एवं कमेटी से जुगल किशोर साबू, मोहन गुप्ता, सुरेश मिन्ना, कैलाश शर्मा, प्रेम शंकर अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, नवीन गोयल, संजय शर्मा, समित अग्रवाल, कृष्णा अग्रवाल, संजय अग्रवाल, निरंकार ओबेरॉय, सत्य प्रकाश ओबेरॉय, शिव कुमार सिंह, विपिन सक्सेना, रिंकू, शुभम आदि का विशेष सहयोग रहा।
आगामी कार्यक्रम:
कल मंगलवार, 6 अक्टूबर को सायंकाल 6:00 बजे से 9:30 बजे तक प्रभु जगन्नाथ महिमा की लीला का मंचन किया जाएगा। श्रद्धालु इस पावन कार्यक्रम में शामिल होकर भक्ति का आनंद ले सकते हैं।