शेखपुरा में कांग्रेस का विरोध मार्च, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग।
लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा तथा मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के विरोध में मंगलवार को शेखपुरा जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से विरोध मार्च निकाला गया। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष जितेंद्र नाथ पटेल के नेतृत्व में पटेल चौक से अंबेडकर चौक तक निकले इस विरोध मार्च में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, मतदाता सूची से हटाए गए पात्र मतदाताओं के नाम पुनः जोड़ने तथा चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर नारेबाजी की।
यह विरोध मार्च दिल्ली में राहुल गांधी सहित विपक्षी नेताओं के चुनाव आयोग की ओर मार्च के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद आयोजित किया गया। 6 अक्टूबर को दिल्ली में INDIA गठबंधन के सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। पुलिस ने मार्च को रोककर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सहित कई नेताओं को हिरासत में लिया।
जितेंद्र नाथ पटेल ने कहा—मतदाता का अधिकार लोकतंत्र की बुनियाद।
विरोध मार्च को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष जितेंद्र नाथ पटेल ने कहा कि लोकतंत्र में सबसे महत्वपूर्ण अधिकार जनता का मतदान का अधिकार है। यदि किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से बिना उचित कारण के हट जाता है तो यह केवल एक व्यक्ति की समस्या नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लोकतंत्र और जनता के मताधिकार की रक्षा के लिए सत्याग्रह कर रहे हैं। दिल्ली में उनके सहित विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया जाना लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले जनप्रतिनिधियों के अधिकारों पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
जितेंद्र नाथ ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर देशभर में गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार विभिन्न चरणों में लगभग 13.4 करोड़ नाम ड्राफ्ट मतदाता सूचियों में शामिल नहीं दिखे हैं, हालांकि यह संख्या अंतिम रूप से मतदाता सूची से स्थायी रूप से हटाए गए मतदाताओं की संख्या नहीं है।
उन्होंने कहा कि कई परिवारों में ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं कि एक ही घर के कुछ सदस्यों के नाम सूची में मौजूद हैं, जबकि दूसरे पात्र सदस्यों के नाम नहीं मिल रहे हैं। कांग्रेस की मांग है कि ऐसे सभी मामलों की निष्पक्ष जांच हो और पात्र मतदाताओं को उनका मतदान का अधिकार सुनिश्चित किया जाए।
चार लोगों पर लगाए गंभीर आरोप
जितेंद्र नाथ पटेल ने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर ‘वोट चोरी’ को लेकर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और चुनाव आयोग को उठ रहे सवालों का स्पष्ट जवाब देना चाहिए। राहुल गांधी ने भी मंगलवार के दिल्ली प्रदर्शन के दौरान इन चारों पर इसी तरह के आरोप लगाए थे।
उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि चुनाव आयोग को राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए जा रहे सवालों का जवाब पारदर्शी तरीके से देना चाहिए। वहीं, चुनाव आयोग और केंद्र सरकार ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण में किसी राजनीतिक उद्देश्य से इनकार किया है और आयोग का कहना है कि प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना है।
बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता रहे मौजूद।
विरोध मार्च में जिला अध्यक्ष आनंदी कुमार यादव, विपिन चौरसिया, प्रमोद यादव, दानी प्रसाद, आमिर राज मंडल, संजय सिंह, पिंटू कुमार, गौतम साह, चुनूं साव, अफसर खान, गोल्डन खां सहित जिला कांग्रेस के नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची में पारदर्शिता, प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा और चुनावी संस्थाओं की जवाबदेही के मुद्दे पर पार्टी आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी। मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने “वोट का अधिकार सुरक्षित करो”, “मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो” सहित विभिन्न नारे लगाए और अंबेडकर चौक पर विरोध प्रदर्शन किया।