भाई कभी तो कोई काम टाइम पर कर लिया करो या हमेशा ऐसे ही करोगे …! शहीदी दिवस पर सरकारी छुट्टी थी पर इन नेताओं पर शायद कुछ और ज़रूरी काम थे तो इन प्रतिमाओं की सफ़ाई करने आए नहीं, पर चलो आज गांधी जयंती की छुट्टी थी तो सोचा शहीदों की प्रतिमाएं भी साफ़ हो जायें पर जिस अंदाज़ में साहब फटका मार रहे हैं उससे नहीं लगता कि कुछ साफ़ हुआ होगा। वैसे चंद क़दम दूर गांधी कॉलोनी में बापू की प्रतिमा थी वहाँ भी चले जाते हो सकता है आज गांधी प्रतिमा पर जाने का आपको मौक़ा न मिला हो अगली छुट्टी में शायद आप गांधी जयंती मनायें । यही लेटलतीफ़ी का सिलसिला फ़िलहाल फरीदाबाद के हर प्रोजेक्ट पर चल रहा है, जो काम जब करना है वो काम तब नहीं हो रहा है इसलिए इस शहर में हर तरफ़ धूल उड़ रही है, हर प्रोजेक्ट अधूरा पड़ा है और शायद उसे पूरा करने का आपका कोई इरादा भी नहीं है।