ओवरलोड वाहनों की जांच में अनियमितता पर बड़ी कार्रवाई, आमस थानाध्यक्ष धनंजय कुमार निलंबित
आईजी विकास वैभव ने मंगलवार देर रात की कार्रवाई, जांच में ड्यूटी के दौरान लापरवाही और नियमों की अनदेखी के आरोप प्रथम दृष्टया सही मिले
गया। ओवरलोड वाहनों की जांच के दौरान अनियमितता बरतने और विधिसम्मत कार्रवाई नहीं करने के मामले में आमस थानाध्यक्ष सह पुलिस निरीक्षक धनंजय कुमार पर बड़ी कार्रवाई हुई है। मगध क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव ने मंगलवार देर रात आमस थानाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू करने का आदेश दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र, गया निर्धारित किया गया है। आईजी विकास वैभव को गुप्त सूचना मिली थी कि गया जिले के आमस थाना क्षेत्र में ओवरलोड वाहनों की जांच के दौरान अनियमितता बरती जा रही है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि ओवरलोड वाहनों की जांच के दौरान कार्रवाई के नाम पर अवैध राशि की मांग की गई। इस मामले में करीब 4.50 लाख रुपये प्राप्त किए जाने और उसे थाना की अभिलेखीय प्रक्रिया में दर्ज नहीं करने की बात भी सामने आई थी। शिकायत मिलने के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कराई गई। जांच के क्रम में ऑडियो रिकॉर्डिंग, वीडियो, फोटो, स्टेशन डायरी में दर्ज प्रविष्टियों तथा संबंधित पदाधिकारियों से प्राप्त प्रतिवेदनों का परीक्षण किया गया। इसके बाद गया पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) से पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई गई।
19 सितंबर को टोल प्लाजा के पास हुई थी वाहनों की जांच
जांच में सामने आया कि 19 सितंबर 2026 को आमस थाना क्षेत्र के टोल प्लाजा के समीप ओवरलोड वाहनों की जांच की गई थी। जांच के दौरान कई वाहनों को पकड़ा गया, लेकिन आरोप है कि नियमानुसार सत्यापन और विधिसम्मत कार्रवाई नहीं की गई। कुछ वाहनों को बिना उचित कार्रवाई के छोड़ दिए जाने की बात भी जांच में सामने आई। जांच प्रतिवेदन में कार्रवाई के दौरान प्राप्त ऑडियो रिकॉर्डिंग, वीडियो और अन्य साक्ष्यों को भी गंभीरता से लिया गया। स्टेशन डायरी की प्रविष्टियों और संबंधित पुलिस पदाधिकारियों के बयान की भी जांच की गई। इन सभी तथ्यों के आधार पर तत्कालीन आमस थानाध्यक्ष सह पुलिस निरीक्षक धनंजय कुमार की भूमिका प्रथम दृष्टया संदिग्ध पाई गई।
चौकीदार की भूमिका भी प्रथम दृष्टया संदिग्ध
पूरे मामले में केवल थानाध्यक्ष ही नहीं, बल्कि आमस थाना में तैनात चौकीदार रवि कुमार की भूमिका भी जांच के दौरान प्रथम दृष्टया संदिग्ध पाई गई है। जांच में सामने आए तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर चौकीदार के खिलाफ भी नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। पुलिस विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि मामले में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर संबंधित पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों की भूमिका की जांच की गई। जांच में यदि कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही, अनुशासनहीनता अथवा अनुचित आचरण पाया जाता है तो विभागीय नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
आईजी ने लिया सख्त एक्शन
मामले की जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आईजी विकास वैभव ने आमस थानाध्यक्ष धनंजय कुमार के खिलाफ तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का आदेश जारी किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें पुलिस केंद्र, गया में योगदान देने का निर्देश दिया गया है। वहीं, मामले में शामिल अन्य कर्मियों की भूमिका को लेकर भी विभागीय स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। संबंधित वरीय पुलिस पदाधिकारी को चौकीदार रवि कुमार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया है।
पुलिसकर्मियों को दी गई सख्त चेतावनी
आईजी विकास वैभव ने इस कार्रवाई के जरिए पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता अथवा अनुचित आचरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय की ओर से कहा गया है कि पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों द्वारा अपने कर्तव्यों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की अनियमितता, कर्तव्यहीनता अथवा अनुचित आचरण को गंभीरता से लिया जाएगा।
उपलब्ध साक्ष्यों और विभागीय जांच के आधार पर दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप की स्थिति है। खासकर ओवरलोड वाहनों की जांच और सड़क सुरक्षा से जुड़े मामलों में पुलिस की भूमिका को लेकर विभाग ने सख्ती का संकेत दिया है।