आपदा के मोर्चे पर मंत्री मदन कौशिक का सख्त अल्टीमेटम, बंद सड़कें नहीं खुलीं तो अफसरों पर गिरेगी गाज!
मलबे में फंसे मार्गों को तत्काल खोलने के निर्देश, संवेदनशील इलाकों पर 24 घंटे नजर रखने को कहा,,
रुद्रप्रयाग। मानसून की बारिश के बीच आपदा के मोर्चे पर सरकारी मशीनरी की तैयारियों को परखने पहुंचे कैबिनेट मंत्री एवं आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने अधिकारियों को सख्त तेवर दिखाए। जिला कार्यालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने साफ कहा कि आपदा के समय राहत और बचाव कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लंबे समय से बंद सड़कों को लेकर नाराज मंत्री ने संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर मार्ग खोलने के निर्देश दिए।
मंत्री ने जिले के संवेदनशील क्षेत्रों, बंद एवं बाधित सड़कों, उपलब्ध जेसीबी और अन्य मशीनरी, राहत एवं बचाव दलों तथा एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ और क्यूआरटी की तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से यह भी पूछा कि आपदा की स्थिति में आवश्यक मशीनरी और उपकरण कहां-कहां उपलब्ध हैं और कितनी देर में मौके पर पहुंच सकते हैं।
मलबा गिरा तो मशीन मौके पर पहुंचने में नहीं होनी चाहिए देरी
मदन कौशिक ने निर्देश दिए कि सड़क बंद होते ही इंपैनल की गई मशीनों को तत्काल प्रभावित स्थल पर भेजा जाए। उन्होंने मशीनरी की लोकेशन और उपलब्धता की अद्यतन जानकारी रखने को कहा, ताकि मलबा हटाने में समय बर्बाद न हो और यातायात जल्द बहाल किया जा सके।
उन्होंने उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सड़कों और महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।
अगस्त्यमुनि-तिलवाड़ा में जलभराव पर मंत्री सख्त
बारिश के दौरान अगस्त्यमुनि, तिलवाड़ा सहित कई बाजार क्षेत्रों में जलभराव की समस्या पर भी मंत्री ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने संबंधित विभागों को स्थायी समाधान के लिए प्रभावी ड्रेनेज प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि हर बरसात में जलभराव की समस्या दोहराने के बजाय इसका स्थायी समाधान किया जाए।
पीपलकोटी टनल हादसे के बाद बढ़ी चुनौती
समीक्षा बैठक में पीपलकोटी में हाल ही में हुई टनल दुर्घटना का भी उल्लेख हुआ। मंत्री ने कहा कि ऐसे हादसों से निपटने के लिए रेस्क्यू सिस्टम को लगातार मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने प्रशिक्षण, मॉक ड्रिल और विशेषज्ञों की मदद से आपदा प्रबंधन की तैयारियां मजबूत करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि आपदा के समय भारतीय सेना, एनडीआरएफ और अन्य केंद्रीय एजेंसियों का सहयोग लिया जा रहा है तथा राज्य सरकार आवश्यक संसाधन उपलब्ध करा रही है।
अधिकारी अलर्ट रहें, यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खराब मौसम के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जाए। सड़क, बिजली, पेयजल, सिंचाई, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं में व्यवधान आने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
उन्होंने दो टूक कहा कि मानसून में किसी भी आपदा की स्थिति में राहत-बचाव कार्य में लापरवाही सामने आई तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा। सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें और आमजन तथा केदारनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, यह सुनिश्चित करें।
बैठक में विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।