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दुष्कर्म मामले में पुलिस की लापरवाही पर IG का बड़ा एक्शन: पंचानपुर थानाध्यक्ष समेत 3 निलंबित, पीड़िता की शिकायत पर कार्रवाई में देरी पड़ी भारी गया। गंभीर आपराधिक मामले में पुलिस की लापरवाही को लेकर मगध क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) विकास वैभव ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की है। गया जिले के पंचानपुर थाना से जुड़े दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में कर्तव्य के निर्वहन में लापरवाही, पीड़िता की शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं करने और मामले की जांच में नियमों का पालन नहीं करने के आरोप में पंचानपुर थानाध्यक्ष पद्माकर उपाध्याय, प्रभारी थानाध्यक्ष नगीना उरांव और पुलिस जवान संतोष कुमार को निलंबित कर दिया गया है। तीनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का भी निर्देश दिया गया है। आईजी विकास वैभव की इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। कार्रवाई से साफ है कि गंभीर आपराधिक मामलों में पुलिस पदाधिकारियों की ओर से किसी भी स्तर पर बरती गई लापरवाही को अब नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। खासकर दुष्कर्म जैसे संवेदनशील मामलों में पीड़ित की शिकायत पर तत्काल कानूनी कार्रवाई, निष्पक्ष जांच और पीड़ित को न्याय दिलाना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी। पीड़िता की शिकायत से शुरू हुआ पूरा मामला पंचानपुर थाना क्षेत्र से संबंधित एक गंभीर मामले में पीड़िता की ओर से पुलिस के समक्ष शिकायत दी गई थी। शिकायत के बाद मामले में जिस तरह की त्वरित और विधि-सम्मत कार्रवाई अपेक्षित थी, वह नहीं की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी सूचना वरीय अधिकारियों तक पहुंची। इसके बाद पूरे प्रकरण की जांच कराई गई। जांच में पुलिस पदाधिकारियों की कार्यशैली को लेकर कई गंभीर सवाल सामने आए। आरोप है कि मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई में अनावश्यक विलंब हुआ और पीड़िता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आवश्यक कानूनी कदम नहीं उठाए गए। जांच के दौरान पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई और उपलब्ध अभिलेखों की भी समीक्षा की गई। युवक को थाने लाने के बाद छोड़ने का भी आरोप जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि मामले से संबंधित एक व्यक्ति को पंचानपुर थाना लाया गया था। इसके बाद उसे छोड़ दिए जाने से संबंधित प्रक्रिया पर भी सवाल उठे। उपलब्ध जांच सामग्री के आधार पर प्रथम दृष्टया यह बात सामने आई कि संबंधित व्यक्ति को निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया का अनुपालन किए बिना छोड़ दिया गया। मामले में यह भी पाया गया कि थाना स्तर से वरीय पदाधिकारियों को समय पर समुचित सूचना नहीं दी गई। गंभीर आपराधिक आरोपों वाले मामले में इस तरह की कार्यशैली को पुलिस विभाग ने गंभीरता से लिया। जांच के बाद माना गया कि संबंधित पुलिस पदाधिकारियों और कर्मी की भूमिका कर्तव्य के प्रति अपेक्षित गंभीरता और जवाबदेही के अनुरूप नहीं रही। IG ने जांच के बाद लिया सख्त फैसला मामले की गंभीरता को देखते हुए मगध क्षेत्र के आईजी विकास वैभव ने उपलब्ध तथ्यों और जांच प्रतिवेदन की समीक्षा की। इसके बाद पंचानपुर थानाध्यक्ष पद्माकर उपाध्याय, प्रभारी थानाध्यक्ष नगीना उरांव तथा जवान संतोष कुमार को निलंबित करने का आदेश जारी किया। निलंबन के साथ ही तीनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का भी निर्देश दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र, गया निर्धारित किया गया है। संबंधित मामले की आगे की जांच और पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने के लिए भी पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। गंभीर मामलों में लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस आईजी विकास वैभव की कार्रवाई से पुलिस पदाधिकारियों को स्पष्ट संदेश गया है कि गंभीर आपराधिक मामलों में लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। खासकर महिलाओं और पीड़ितों से जुड़े मामलों में पुलिस को संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करनी होगी। पुलिस विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने के लिए समय पर प्राथमिकी दर्ज करना, निष्पक्ष जांच करना, आवश्यक साक्ष्य जुटाना और आरोपियों के खिलाफ विधि-सम्मत कार्रवाई करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। किसी भी स्तर पर प्रक्रिया में अनावश्यक देरी या लापरवाही सामने आने पर संबंधित पदाधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। थाना स्तर की कार्यशैली पर उठे सवाल इस मामले ने थाना स्तर पर गंभीर आपराधिक मामलों की निगरानी और कार्रवाई की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए हैं। आमतौर पर गंभीर आरोपों वाले मामलों में थाना स्तर से लेकर वरीय अधिकारियों तक लगातार मॉनिटरिंग की अपेक्षा की जाती है। लेकिन इस मामले में जांच के दौरान सामने आई कमियों ने पुलिस की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा किया। वरीय अधिकारियों ने माना कि ऐसे मामलों में पीड़ित की शिकायत को नजरअंदाज करना या कार्रवाई में देरी करना न्याय की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। यही वजह है कि जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए गए पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन जैसी कड़ी कार्रवाई की गई। विभागीय जांच के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई निलंबन के बाद अब तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। विभागीय जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। #गयाजी #गया_हो #GayaPolice #gaya #bihar #गया #panchanpur Vikas Vaibhav, IPS

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