🌿 प्लास्टिक को ना, मालू के पत्तों को हां…🍃
बेटी की शादी में लौटेगी पहाड़ की पुरानी परंपरा
रुद्रप्रयाग के अगस्त्यमुनि ब्लॉक के भटवाड़ी गांव में शिक्षक सत्येंद्र भंडारीने एक अनूठी पहल की है। अक्टूबर में होने वाली अपनी बेटी की शादी में वे प्लास्टिक के बर्तनों की जगह मालू के पत्तों से बने दोने-पत्तलों का इस्तेमाल करेंगे।
कभी पहाड़ के हर मांगलिक आयोजन की पहचान रहे मालू के पत्तों के दोने-पत्तल आज आधुनिकता और प्लास्टिक के दौर में गुम होते जा रहे हैं। सत्येंद्र भंडारी की यह पहल न सिर्फ प्लास्टिक मुक्त आयोजन की दिशा में कदम है, बल्कि पहाड़ की पारंपरिक संस्कृति और बुजुर्गों के हुनर को नई पीढ़ी से जोड़ने की कोशिश भी है।
🍃 प्रकृति से मिला संसाधन… प्रकृति में ही वापस।
🙏 पहाड़ की परंपरा को फिर से अपनाने की खूबसूरत पहल।
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Rudraprayag, Rudraprayag | Oct 2, 2026