क्या आपने कभी सोचा है कि एक पैर से 400 मीटर चलना कितना मुश्किल होता है? 😢
बलिया (Ballia), उत्तर प्रदेश – यहाँ रहने वाली 7 साल की रागिनी (Ragini) रोज़ाना एक पैर से 400 मीटर दूर स्कूल जाती है। 🏫
रागिनी की कहानी 💔
· 6 माह की उम्र में एक हादसे (Accident) में उसने अपना एक पैर (Leg) खो दिया। 😢
· इसके बावजूद, उसने पढ़ाई (Education) नहीं छोड़ी।
· रोज़ वह एक पैर के सहारे अपने स्कूल तक 400 मीटर का सफर तय करती है – बिना किसी सहारे (Support) या कृत्रिम पैर (Artificial Leg) के। 💪
क्या हुआ? 🧐
· रागिनी का सपना है कि वह पढ़-लिखकर आगे बढ़े – एक बड़ी इंसान बने।
· उसे कृत्रिम पैर (Prosthetic Leg) या किसी सहारे (Walking Aid) की सख्त ज़रूरत है, ताकि उसे हर दिन इस तरह संघर्ष (Struggle) न करना पड़े।
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🙏 हमारी अपील
· जिला प्रशासन (DM Ballia) और पुलिस अधीक्षक (SP Ballia) – कृपया रागिनी की मदद के लिए आगे आएं।
· स्वयंसेवी संगठन (NGOs) और समाजसेवी – रागिनी को कृत्रिम पैर (Artificial Leg) उपलब्ध कराएं।
· हम सब – इस पोस्ट को शेयर करें, ताकि रागिनी तक मदद पहुँचे।
आज रागिनी को सहारा दें, कल वह देश का नाम रोशन करेगी! 🇮🇳🙏
📌 रागिनी की इस कहानी पर आप क्या कहना चाहेंगे? कमेंट करें और पोस्ट ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करें – ताकि यह खबर DM Ballia और SP Ballia तक पहुँचे! 👇
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