पीएम आवास योजना में गड़बड़ी का आरोप, पक्के मकान वालों को आवास और जरूरतमंद वंचित
प्रणय राज व्यूरो रिपोर्ट, संवदिया न्यूज (नालंदा) – बिहार।
हरनौत। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए पंचायत स्तर पर ग्राम सभा और सहयोग शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सरथा पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर ग्रामीणों ने चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का दावा है कि पात्रता के मानकों की अनदेखी कर कुछ ऐसे लोगों के नाम लाभुक सूची में शामिल किए गए हैं, जिनके पास पहले से पक्के मकान हैं, जबकि कई जरूरतमंद परिवार योजना के लाभ से वंचित रह गए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, पीएम आवास योजना के लिए कुल 1,650 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 482 लाभुकों का चयन किया गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चयन प्रक्रिया में आवास सहायक की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उनका दावा है कि सूची में कुछ ऐसे परिवारों के नाम भी शामिल हैं, जिनके पास पहले से पक्का मकान है। कुछ नामों को लेकर सरकारी नौकरी करने वाले परिवार के सदस्यों का भी हवाला दिया गया है।
वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि कई गरीब परिवार आज भी झुग्गी-झोपड़ी या जर्जर कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं। मजदूरी कर परिवार चलाने वाले ऐसे लोगों का नाम लाभुक सूची में नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है।
ग्राम सभा में हंगामा
पीएम आवास योजना की सूची को लेकर आयोजित ग्राम सभा के दौरान ग्रामीणों ने विरोध जताया। स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब आक्रोशित ग्रामीणों ने पंचायत के मुखिया को कुछ समय के लिए बंधक बना लिया। हंगामे के कारण ग्राम सभा को स्थगित करना पड़ा। बताया गया कि मुखिया के समझाने के बाद स्थिति शांत हुई।
डीएम कार्यालय पहुंचकर की दोबारा जांच की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि योजना में कथित अनियमितता को लेकर इससे पहले भी प्रखंड कार्यालय का घेराव किया गया था। इस दौरान ज्ञापन सौंपकर लाभुक सूची की जांच और पात्र लोगों को योजना का लाभ दिलाने की मांग की गई थी।
इसके बाद पंचायत के दर्जनों ग्रामीण जिला मुख्यालय पहुंचे और जिलाधिकारी उदिता सिंह से मुलाकात कर अपनी शिकायत रखी। ग्रामीणों ने लाभुकों की सूची की दोबारा जांच कराने तथा वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को योजना का लाभ दिलाने की मांग की।
ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद जिलाधिकारी ने उनकी समस्याओं को सुना और मामले की जांच कर जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
पीएम आवास योजना में कथित अनियमितता और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका से जुड़े आरोपों की आधिकारिक जांच या पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
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