दो बच्चों को आहार में डूबते देख एक महिला कूद पड़ी, दोनों बच्चों को बचा तो ली लेकिन खुद का जान चली गईं. घटना रामजी नगर का है और ससुराल कोलजा पहराठा गाँव है। घटना मायके में घटी थी। मायके में कागजी प्रक्रिया के बाद मृतक महिला का शव ससुराल पहुंचा दिया गया लेकिन दुख की बात यह है कि महिला का पति करीब 6 महीने से जेल में है घटना के बाद महिला को मुखाकिन करने वाला कोई नहीं था।परिजन और ग्रामीणो ने कहा क़ी पति के हाथों से ही मुखाकिन किया जाना है लेकिन 24 घंटे तक पत्नी क़ी शव घर के बाहर पड़ी रही क्योंकि उसका पति जेल में है फिलहाल परिजन पति के हाथो से मुखकिन करने के लिए न्यायालय से गुहार लगा रहा है.
अपनी जान गवा कर दो बच्चों की जान बचाने वाली साहसी महिला के लिए कमेंट में ओम शांति लिखकर शेयर कर दे.