राजपुर: महिलाओं का अंगूठा लगवाकर खाद की कालाबाज़ारी कैसे हुई, सुनिए थाना प्रभारी की जुबानी
जांच में सामने आया कि रिकॉर्ड में खाद का वितरण हो चुका था, जबकि वास्तविकता में खाद किसानों तक पहुंची ही नहीं। आरोप है कि महिलाओं के अंगूठे के निशान का इस्तेमाल कर उनके नाम पर 2647 बोरी यूरिया और 570 बोरी डीएपी का इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड तैयार किया गया। वीओ-03: यानी कागज और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम में खाद बंट गई, लेकिन जिन ग्रामीण महिला किसानों के नाम पर यह खाद दर्ज