एक नाम, जो दिलों में अपनी जगह बना रहा है — देव रस्तोगी
कुछ लोग उम्र से नहीं, अपने कर्मों और व्यवहार से बड़े बनते हैं।
ऐसे ही युवा चेहरे का नाम है राष्ट्रीय सनातन सेना भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष देव रस्तोगी।
कम उम्र में अपनी मेहनत, संघर्ष और समाज के प्रति समर्पण से उन्होंने जो पहचान बनाई है, वह किसी परिचय की मोहताज नहीं। सराय अकिल से शुरू हुआ यह सफर आज दूर-दूर तक लोगों के बीच चर्चा और सम्मान का विषय बन रहा है।
लोगों के सुख-दुख में साथ खड़ा होना, जरूरतमंद की आवाज बनना, युवाओं को समाज और राष्ट्र के प्रति जागरूक करना और सनातन संस्कृति एवं सामाजिक एकता के लिए लगातार प्रयासरत रहना—यही वह सोच है, जिसने देव रस्तोगी को लोगों के दिलों में खास जगह दिलाई है।
नेतृत्व केवल पद का नाम नहीं, बल्कि जिम्मेदारी निभाने का नाम है।
और जब युवा अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों को भी समझे, समाज में जागरूकता बढ़े और जरूरतमंद के साथ खड़ा होने का जज्बा पैदा हो—तभ�