देखिए कांवड़िया पथ से एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने हर श्रद्धालु को भावुक कर दिया । लखीसराय के रामचंद्रपुर के रहने वाले सुबोध कुमार घुटनों के बल बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा कर रहे हैं। उनकी तपस्या का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पांच से सात दिनों में वह महज सात किलोमीटर की दूरी ही तय कर सके हैं। इस रफ्तार से उन्हें देवघर पहुंचने में दो महीने से भी अधिक समय लग सकता है। इस कठिन यात्रा में उनका बेटा हर कदम पर उनका सहारा बना हुआ है । वह पिता के आगे-आगे फोम बिछाता चलता है ताकि घुटनों को कुछ राहत मिल सके, लेकिन इसके बावजूद महज पांच किलोमीटर की यात्रा में ही सुबोध कुमार के दोनों घुटने बुरी तरह छिल चुके हैं और दर्द लगातार बढ़ता जा रहा है ।