मित्रो
इस 80वाँ स्वतंत्रता दिवस ने
मुझे विशेष उपलब्धि दिया है।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में प्राकृतिक खेती के लिए मुझे प्रोफेसर की नियुक्ति के साथ विश्वविद्यालय से जुड़े शोध छात्रों और वैज्ञानिक समुदाय के साथ मिलकर खुलकर कार्य करने की आजादी दिया है।
पंच महाभूत संतुलन के मेरे सिद्धांत से हर तरह की फसलों को पूरे समय स्वस्थ रखा जा सकता है।
वृक्षायुर्वेद के मेरे फार्मूलों से से हर फसल में बंपर उपज लिया जा सकता है।
किसानों के खेतों में 38 तरह की फसलों में अधिकतम उत्पादन लेकर हमने यह करके भी दिखा दिया है।
अब बस मुझे विश्वविद्यालय और कृषि विज्ञान केंद्रों के प्रक्षेत्रों में अब यह सब करके दिखाना है।
मित्रो मैं इसे मेरे जीवन की अंतिम चुनौती मानता हूं।
आज के कृषि विज्ञान से कहीं बहुत आगे है हमारे ऋषियों का कृषि ज्ञान
2009 में जब मुझे यह कृषि ज्ञान मिला तो मैं बहुत उद्विग्न था इसे किसानों को कैसे समझाऊं,नहीं दिखाई देने वाली सूक्ष्म दुनिया के ऊर्जा विज्ञान को कोई पूरी तरह से समझने को तैयार नहीं था,
2017 तक नरसिंहपुर के खमरिया ग्राम में मैने खुद खेती करके समझाने की कोशिश की पर खेती करने की अपनी कई प्रकार की परेशानियां थी,बिना किसी की सहायता बिना किसी सहयोग के इसे सिद्ध करना मेरे लिए वाकई बड़ी परेशानी थी,पर हर संकट से जूझते हुए मैने इसे सिद्ध करके दिखाया कि
सूक्ष्म दुनिया है
पंच महाभूत जाग्रत है
हमे देखते सुनते है
वृक्षायुर्वेद के रसायन आज के सिंथेटिक रसायनों से ज्यादा कारगर है
सिद्ध किया
बिना किसी सरकारी सहायता के
समाज के बिना किसी सहयोग के
पर अब अनुकूलता मिल गई है
विश्वविद्यालय kvk के खेत भी है, खेतों में सिस्टम भी लगे है,वैज्ञानिक समुदाय भी है
बस इन केंद्रों में TCBT वृक्षायुर्वेद फार्मूले बनवाने है,ऊर्जा विज्ञान स्थापित करने है।
और
वृक्षायुर्वेद को सिद्ध करके दिखाना है
यह कार्य मेरे जीवन की अंतिम चुनौती होगी,
मेरी अभिलाषा पूर्ण हो
आप सबका स्नेह मुझे निरंतर मिलती रहे।
🙏
ताराचंद बेलजी
प्रोफेसर
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर
9644617216