Public App Logo
Jansamasya
News
पुलिस
Bjp
National
Police
Bihar
India
कांग्रेस
बीजेपी
Gujarat
मुख्यमंत्री
Congress
Modi
Delhi
Viral
मारपीट
Crime
Dm
Up
अमित_शाह
Bollywood
Breakingnews
Narendramodi
Madhya_pradesh
उत्तरप्रदेश
Pmmodi
Rahulgandhi
यूपी
कानपुर

आपका असली वजूद इस बात से तय होगा कि आपने अपनी मातृभूमि को क्या दिया है! 🇮🇳 #vishnubhartesh #youthmotivation #citizenship #bethechange

Ladpura, Kota | Jul 28, 2026
Every single one of us possesses this desperate urge to be remembered. People write their names on mountains and historical monuments, desperately hoping for a piece of immortality. But the ultimate, unfiltered truth of life is that when you finally leave this world, you only leave behind one of two things: the undeniable legacy of your good karma, or your share of the rot and decay. No matter how much wealth or status you acquire, your true worth is defined by what you give back to your motherland. I have clearly chosen my mark and dedicated my life to it. The choice is now yours. What do you want to be remembered for when your time comes? Drop a Jai Hind if you are building a legacy of good deeds!

MORE NEWS

जब समुद्र मंथन के दौरान ‘हलाहल’ नाम का भयानक विष निकला, तो ब्रह्मांड को बचाने के लिए भगवान शिव ने उसे अपने गले में धारण कर लिया।

विष के कारण उनका गला नीला पड़ गया (जिससे वे ‘नीलकंठ’ कहलाए) और उनके शरीर का तापमान अत्यधिक बढ़ गया।

भगवान शिव के शरीर की जलन और बेचैनी को शांत करने के लिए सभी देवी-देवताओं ने उन पर पवित्र गंगाजल चढ़ाया था। माना जाता है कि तभी से सावन के महीने में शिव जी पर गंगाजल चढ़ाने (कावड़ लाने) की परंपरा शुरू हुई।

Har Har Mahadev ॐ

जब समुद्र मंथन के दौरान ‘हलाहल’ नाम का भयानक विष निकला, तो ब्रह्मांड को बचाने के लिए भगवान शिव ने उसे अपने गले में धारण कर लिया। विष के कारण उनका गला नीला पड़ गया (जिससे वे ‘नीलकंठ’ कहलाए) और उनके शरीर का तापमान अत्यधिक बढ़ गया। भगवान शिव के शरीर की जलन और बेचैनी को शांत करने के लिए सभी देवी-देवताओं ने उन पर पवित्र गंगाजल चढ़ाया था। माना जाता है कि तभी से सावन के महीने में शिव जी पर गंगाजल चढ़ाने (कावड़ लाने) की परंपरा शुरू हुई। Har Har Mahadev ॐ

Ladpura, Kota | Aug 16, 2026

हाड़ौती साहित्य का एक अध्याय खत्म… दुर्गादान सिंह गौड़ का निधन

हाड़ौती साहित्य का एक अध्याय खत्म… दुर्गादान सिंह गौड़ का निधन

Ladpura, Kota | Aug 16, 2026

शरीर पर हर गांठ कैंसर नहीं होती! जानिए कौन-सी गांठ चिंता की है और कब डॉक्टर की सलाह जरूरी है।

शरीर पर हर गांठ कैंसर नहीं होती! जानिए कौन-सी गांठ चिंता की है और कब डॉक्टर की सलाह जरूरी है।

Ladpura, Kota | Aug 16, 2026

Ladpura, Kota | Aug 16, 2026

कांग्रेस में बागियों को राखी गौतम की दो टूक चेतावनी
कोटा कांग्रेस जिलाध्यक्ष राखी गौतम ने बागी तेवर दिखा रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जिसे पार्टी से असंतोष है, वह अभी बाहर जाने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन कांग्रेस के सिंबल और बैनर पर चुनाव जीतने के बाद बगावत या संगठन विरोधी गतिविधियां किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
राखी गौतम ने कहा कि संगठन में जिन्हें भी जिम्मेदारी दी गई है, उन्हें पूरी निष्ठा और अनुशासन के साथ काम करना होगा। पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पिछले बोर्ड से लिया सबक
कांग्रेस का यह सख्त रुख पिछले नगर निगम बोर्ड के अनुभवों से जोड़कर देखा जा रहा है। पिछले बोर्ड में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर मेयर बने राजीव अग्रवाल बाद में भाजपा में शामिल हो गए थे। उनके साथ कांग्रेस के कई पार्षदों और नेताओं के भी पाला बदलने की बात सामने आई थी।
अब कांग्रेस संगठन इस बार पुराने घटनाक्रम को दोहराने के मूड में नहीं है। नगर निगम चुनाव से पहले ही जिलाध्यक्ष राखी गौतम का यह कड़ा संदेश साफ संकेत दे रहा है कि टिकट कांग्रेस का होगा तो निष्ठा भी कांग्रेस के प्रति ही रखनी होगी।
सियासी संदेश साफ है—पार्टी में रहना है तो संगठन के साथ चलना होगा, बगावत की गुंजाइश नहीं।

कांग्रेस में बागियों को राखी गौतम की दो टूक चेतावनी कोटा कांग्रेस जिलाध्यक्ष राखी गौतम ने बागी तेवर दिखा रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जिसे पार्टी से असंतोष है, वह अभी बाहर जाने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन कांग्रेस के सिंबल और बैनर पर चुनाव जीतने के बाद बगावत या संगठन विरोधी गतिविधियां किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। राखी गौतम ने कहा कि संगठन में जिन्हें भी जिम्मेदारी दी गई है, उन्हें पूरी निष्ठा और अनुशासन के साथ काम करना होगा। पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। पिछले बोर्ड से लिया सबक कांग्रेस का यह सख्त रुख पिछले नगर निगम बोर्ड के अनुभवों से जोड़कर देखा जा रहा है। पिछले बोर्ड में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर मेयर बने राजीव अग्रवाल बाद में भाजपा में शामिल हो गए थे। उनके साथ कांग्रेस के कई पार्षदों और नेताओं के भी पाला बदलने की बात सामने आई थी। अब कांग्रेस संगठन इस बार पुराने घटनाक्रम को दोहराने के मूड में नहीं है। नगर निगम चुनाव से पहले ही जिलाध्यक्ष राखी गौतम का यह कड़ा संदेश साफ संकेत दे रहा है कि टिकट कांग्रेस का होगा तो निष्ठा भी कांग्रेस के प्रति ही रखनी होगी। सियासी संदेश साफ है—पार्टी में रहना है तो संगठन के साथ चलना होगा, बगावत की गुंजाइश नहीं।

Ladpura, Kota | Aug 16, 2026