सरकार द्वारा हर जगह निगम बना देना, कंपनियां बना देना, लेबर को कांट्रेक्टर के थ्रू ले आना, यह कहीं ना कहीं ठेका प्रथा को बढ़ावा देना है।
जब कर्मचारी सरकार के लिए काम करता है तो उसकी जिम्मेदारी अलग होती है। - Hisar News
सरकार द्वारा हर जगह निगम बना देना, कंपनियां बना देना, लेबर को कांट्रेक्टर के थ्रू ले आना, यह कहीं ना कहीं ठेका प्रथा को बढ़ावा देना है।
जब कर्मचारी सरकार के लिए काम करता है तो उसकी जिम्मेदारी अलग होती है।