करीला धाम को ‘करीला धाम लोक’ के रूप में विकसित किया जाएगा : केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया
- धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
- शाढोरा से करीला धाम तक लगभग 50 किलोमीटर सड़क के लिए 100 करोड़ रुपये पहले ही मिल चुकी है स्वीकृति, कार्य प्रगति पर है।
- शबरी आश्रम में 50 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक भवन और टिन शेड का होगा निर्माण
जनजातीय सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा आदिवासी समाज प्रकृति, संस्कृति और परंपराओं का है संरक्षक
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करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र करीला धाम को भव्य स्वरूप प्रदान करते हुए ‘करीला धाम लोक’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे न केवल करीला धाम की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई मिलेगी, बल्कि क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, चंदेरी, अशोकनगर और मुंगावली सहित आसपास के क्षेत्रों से करीला धाम तक श्रद्धालुओं का आवागमन सुगम बनाने के लिए सड़क संपर्क को बेहतर किया जा रहा है।
स्थानीय सांसद सह केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया करीला धाम परिसर स्थित जनजाति सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इसके पहले उन्होंने करीला धाम में मत्था टेक सभी के कल्याण की कामना की।
इस मौके पर क्षेत्र में विकास कार्यों और जनकल्याणकारी पहलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि करीला धाम जैसे आस्था के केंद्र हमारी सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण प्रतीक हैं। इन्हें बेहतर सुविधाओं और सुगम आवागमन से जोड़ना क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
करीला धाम लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है और यहां आयोजित होने वाले धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसे ‘करीला धाम लोक’ के रूप में विकसित किए जाने से धार्मिक विरासत के संरक्षण, श्रद्धालुओं की सुविधाओं में विस्तार और स्थानीय स्तर पर पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
100 करोड़ रुपये से सड़क संपर्क को मिलेगी मजबूती
करीला धाम तक पहुंच को सुगम बनाने के उद्देश्य से शाढ़ोरा से धाम तक लगभग 50 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। सड़क संपर्क बेहतर होने से अशोकनगर जिले के साथ चंदेरी और मुंगावली क्षेत्र से आने वाले श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिलेगी।
बेहतर सड़क सुविधा से धार्मिक आयोजनों के दौरान आवागमन आसान होगा। इसके साथ ही क्षेत्रीय लोगों को भी आवागमन में राहत मिलेगी और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक एवं पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिल सकेगा।
शबरी आश्रम में 50 लाख रुपये के विकास कार्य
शबरी आश्रम में स्थानीय विधायक निधि से 25 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक भवन तथा 25 लाख रुपये की लागत से टिन शेड का निर्माण कराया जाएगा। इन दोनों कार्यों पर कुल 50 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। सामुदायिक भवन बनने से सामाजिक, सांस्कृतिक और सामूहिक आयोजनों के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध होगा। वहीं, टिन शेड के निर्माण से विभिन्न आयोजनों और कार्यक्रमों के दौरान लोगों को सुविधा मिलेगी। ये कार्य स्थानीय स्तर पर आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।
आदिवासी समाज प्रकृति और संस्कृति का संरक्षक
जनजातीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि आदिवासी समाज हमारी प्रकृति, संस्कृति और परंपराओं का सच्चा संरक्षक है। इस समाज ने सदियों से अपनी विशिष्ट जीवनशैली, परंपराओं और प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण संबंधों के माध्यम से देश की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया है।
उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज का सम्मान, उसका कल्याण और उसे विकास की मुख्यधारा में समान अवसर प्रदान करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार जनजातीय समुदाय के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने कहा कि यह देश के लिए गौरव की बात है कि भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जनजातीय समाज से आती हैं। उनका सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुंचना देश के लोकतंत्र की शक्ति और समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करने की भावना का प्रतीक है। यह उपलब्धि जनजातीय समाज की नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
प्रधानमंत्री जनमन योजना से जनजातीय परिवारों को मिल रहा संबल
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) का उल्लेख करते हुए कहा कि विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के जीवन स्तर में सुधार लाने और उन्हें मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए यह महत्वपूर्ण पहल की गई है। इस अभियान के माध्यम से पात्र जनजातीय परिवारों तक आवास, सड़क संपर्क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और अन्य आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और कोई भी परिवार बुनियादी सुविधाओं से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे। इसके लिए जनप्रतिनिधियों और संबंधित कार्यकर्ताओं को समाज के बीच रहकर लोगों को योजनाओं की जानकारी देने तथा उन्हें लाभ दिलाने के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
पारंपरिक तरीके से हुआ स्वागत, हितग्राहियों को वितरित किया पोषण आहार
जनजातीय सम्मेलन के दौरान आदिवासी समाज के लोगों ने केंद्रीय मंत्री सिंधिया का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। इस अवसर पर जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपराओं और आत्मीयता की झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम के दौरान जनजातीय समाज के हितग्राहियों को पोषण आहार भी वितरित किया गया। इस पहल के माध्यम से पोषण के महत्व और जरूरतमंद परिवारों तक कल्याणकारी सुविधाएं पहुंचाने के संकल्प को रेखांकित किया गया।
सम्मेलन में जनजातीय समाज के कल्याण, उनकी सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
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Ashok Nagar, Madhya Pradesh | Oct 16, 2026