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भय न किसी का था न है, जब प्रभु कृपा साथ है... - Gaya Town CD Block News
Dr.ChandanKumarYadav
2
भय न किसी का था न है, जब प्रभु कृपा साथ है...
1.7k views |
Gaya Town CD Block, Gaya
| May 19, 2026
#religion
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Jai mahakal #gaya#mahakal#bihar #trendingreels #harharmahadev
Gaya Town CD Block, Gaya | Aug 17, 2026
मौर्या हाइट्स के डायरेक्टर इकबाल हुसैन ने प्रेस वार्ता कर लगे आरोप पर अपनी बात रखा, VIDEO में कर दिया खुलासा #गयाजी #गया_हो #GayaPolice #gaya #बिहार #gayastation #BiharNews #LatestNews #bihar
Gaya Town CD Block, Gaya | Aug 17, 2026
पर्वत पुरुष दशरथ मांझी की 19वीं पुण्यतिथि पर गूंजा संघर्ष का संदेश, हजारों बाइक सवारों ने गहलौर घाट की ओर भरी हुंकार मानपुर से निकली विशाल मोटरसाइकिल रैली, मंत्री संतोष कुमार सुमन ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना; दशरथ मांझी को भारत रत्न देने की मांग फिर हुई बुलंद गया: पर्वत पुरुष बाबा दशरथ मांझी की 19वीं पुण्यतिथि के अवसर पर सोमवार को दोपहर में गया शहर में संघर्ष, साहस और सामाजिक जागरण का संदेश गूंज उठा। मानपुर क्षेत्र स्थित गया जी पशु मेला मैदान से हजारों मोटरसाइकिल सवारों की विशाल रैली निकाली गई। रैली गहलौर घाट स्थित बाबा दशरथ मांझी के समाधि स्थल के लिए रवाना हुई, जहां पहुंचकर लोगों ने उनके समाधि स्थल पर श्रद्धासुमन अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। विशाल मोटरसाइकिल जुलूस को बिहार सरकार के मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, युवा, जनप्रतिनिधि और समाज के लोग मौजूद रहे। रैली में शामिल लोगों में बाबा दशरथ मांझी के संघर्ष और उनके ऐतिहासिक योगदान को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। रैली को रवाना करने के बाद मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कहा कि पर्वत पुरुष दशरथ मांझी किसी एक समाज के नहीं, बल्कि पूरी मानव जाति के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि दशरथ मांझी ने अभाव और कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प से पहाड़ को काटकर रास्ता बना दिया। उनका जीवन यह संदेश देता है कि परिस्थितियां कितनी भी विपरीत क्यों न हों, दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर संघर्ष से बड़ी से बड़ी चुनौती को पार किया जा सकता है। बिहार सरकार के मंत्री ने समाज के लोगों और खासकर युवाओं से दशरथ मांझी के जीवन से प्रेरणा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज में मानसिक जागरण की जरूरत है। कठिनाइयां जीवन का हिस्सा हैं, लेकिन उनसे घबराने के बजाय अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित होकर आगे बढ़ना चाहिए। जिस तरह दशरथ मांझी ने छेनी और हथौड़ी के बल पर पहाड़ को काटकर रास्ता बनाया, उसी तरह आज के युवाओं को भी शिक्षा, मेहनत और संघर्ष के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि दशरथ मांझी ने सिर्फ पहाड़ नहीं काटा, बल्कि विकास का रास्ता बनाया। उनका संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। अभाव में रहकर भी उन्होंने जो असंभव दिखाई देने वाला काम संभव कर दिखाया, वह मानव इच्छाशक्ति की अद्भुत मिसाल है। भारत रत्न देने की मांग को लेकर फिर मुखर हुए मंत्री बाबा दशरथ मांझी को भारत रत्न देने की मांग को लेकर भी मंत्री संतोष कुमार सुमन ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति से मिलने के दौरान भी इस मांग को रखा गया था। उन्होंने बताया कि दशरथ मांझी को भारत रत्न दिलाने के लिए उनके साथियों की ओर से पैदल यात्रा तक की गई है और वे हर स्तर पर इस मांग को आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत हैं। मंत्री ने कहा कि यदि दशरथ मांझी को भारत रत्न मिलता है तो इससे समाज के पिछड़े और वंचित वर्गों में नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार होगा। लोग उनके जीवन को देखकर कठिन परिस्थितियों में भी कुछ बड़ा करने का जज्बा हासिल करेंगे। अशोक धाम की घटना पर जताया दुख लखीसराय के अशोक धाम में हुई दर्दनाक घटना पर भी मंत्री संतोष कुमार सुमन ने दुख व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि यह बेहद दुखद घटना है। उन्होंने कहा कि भीड़ वाले धार्मिक स्थलों पर अफवाहों से बचना बेहद जरूरी है। सरकार की ओर से मृतकों और घायलों के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर अतरी विधायक रोमित कुमार, जिला अध्यक्ष टूटू खां, पूर्व जिला अध्यक्ष नारायण मांझी, नंदलाल मांझी, प्रफुल्ल मांझी, शंकर मांझी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। रैली के दौरान पूरा माहौल बाबा दशरथ मांझी के संघर्ष और उनके विचारों से ओत-प्रोत रहा। हजारों बाइक सवारों की यह यात्रा केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम नहीं, बल्कि संघर्ष, आत्मविश्वास, सामाजिक जागरण और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ने का संदेश भी देती नजर आई। गहलौर घाट की ओर बढ़ता यह काफिला एक बार फिर यह याद दिलाता रहा कि मजबूत इरादों के सामने पहाड़ जैसी मुश्किलें भी छोटी पड़ सकती हैं। #गयाजी #गया_हो #बिहार #gaya #GayaPolice #gayastation #BiharNews
Gaya Town CD Block, Gaya | Aug 17, 2026
*'विद्यार्थी सहयोग पोर्टल' से छात्रों की समस्या खत्म होगी, शिक्षा व्यवस्था में आयेगी पारदर्शिता और जवाबदेही :- मुख्यमंत्री* मुख्य बिंदु :- छात्र-छात्राओं की समस्याओं के त्वरित समाधान और आधुनिक शिक्षा सुविधाओं के लिए 'विद्यार्थी सहयोग पोर्टल' का लोकार्पण। विद्यार्थी अपनी शैक्षणिक या छात्रावास से जुड़ी शिकायतें और सुझाव पोर्टल या टोल-फ्री हेल्पलाइन 1100 पर दर्ज करा सकते हैं। छात्रों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। हर महीने के चौथे मंगलवार को शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थी सहयोग शिविर आयोजित होंगे, जहां छात्र सीधे अपनी समस्याएं और सुझाव रख सकेंगे। विद्यार्थी सहयोग पोर्टल पर कभी भी ऑनलाइन परिवाद दर्ज कर सकते हैं। परिवाद दर्ज करने की तिथि से 30 दिनों के अंदर उनका निष्पादन सुनिश्चित कर आवेदक को लिखित सूचना दी जायेगी। 551 स्थानों पर आधुनिक मॉडल स्कूलों के साथ-साथ छात्रों के लिए घर पर भी मोबाइल / लैपटॉप के माध्यम से देर रात तक लाइव शिक्षक सपोर्ट की सुविधा विकसित की जा रही है। 25 अगस्त से बिहार के सभी स्कूलों एवं छात्रावासों में विद्यार्थी सहयोग अभियान शुरू किया जायेगा। पटना, 17 अगस्त 2026 मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने आज जे०डी० वीमेंस कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में 'विद्यार्थी सहयोग पोर्टल' का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने जे०डी० वीमेंस कॉलेज में उपस्थित छात्राओं के साथ संवाद कर शैक्षणिक गतिविधियों और समस्याओं के बार में जानकारी ली। इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में शिक्षा व्यवस्था को अधिक आधुनिक, पारदर्शी, जवाबदेह और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। राज्य के विद्यार्थियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के लिए 'विद्यार्थी सहयोग पोर्टल' एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक, छात्रावास एवं अन्य समस्याओं तथा सुझावों का त्वरित समाधान करना है। यह सेवा पूरी तरह निःशुल्क और गोपनीय है तथा विद्यार्थी सहयोग शिविर से संबंधित जानकारी हेतु हेल्पलाइन नम्बर 1100 उपलब्ध है। छात्रों की शिकायतों पर 10 दिनों में कार्रवाई शुरू न होने पर 11वें दिन मुख्यमंत्री कार्यालय से स्वतः नोटिस जारी होगा और अधिकतम 30 दिनों के भीतर हर हाल में समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। विद्यार्थी सहयोग पोर्टल पर कभी भी ऑनलाइन परिवाद दर्ज कर सकते हैं। परिवाद दर्ज करने की तिथि से 30 दिनों के अंदर उनका निष्पादन सुनिश्चित कर आवेदक को लिखित सूचना दी जायेगी। हर महीने के चौथे मंगलवार को शिक्षण संस्थानों में शिविर आयोजित होंगे, जहां छात्र सीधे अपनी समस्याएं और सुझाव रख सकेंगे। 25 अगस्त से बिहार के सभी स्कूलों एवं छात्रावासों में विद्यार्थी सहयोग अभियान शुरू किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सहयोग शिविर के माध्यम से प्राप्त 6.42 लाख आवेदनों में 96 प्रतिशत मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए स्वचालित नोटिस प्रणाली लागू की गई है। शिकायत पर 10 दिन तक कार्रवाई नहीं होने पर 11वें दिन स्वतः पहला नोटिस, 20वें दिन दूसरा और 25वें दिन तीसरा नोटिस जारी होता है। इसके बाद भी 30 दिन तक समाधान नहीं होने पर संबंधित अधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई की व्यवस्था है। इससे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बिहार के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उनके अपने राज्य में उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें बेहतर शिक्षा के लिए बाहर जाने की मजबूरी न हो। इसी उद्देश्य से उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जा रहा है। आजादी के बाद लंबे समय तक राज्य में सरकारी डिग्री कॉलेजों की संख्या सीमित रही, लेकिन अब एक साथ 211 नए डिग्री कॉलेज खोलने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। साथ ही 342 बी०एड० कॉलेजों में डिग्री पाठ्यक्रम की सहमति से उच्च शिक्षा के अवसरों का विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा को अधिक किफायती बनाया जा रहा है। 10 रूपये में इंजीनियरिंग और 5 रूपये में पॉलिटेक्निक शिक्षा जैसी पहल से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से करीब 18,000 करोड़ रूपये की सहायता उपलब्ध कराई गई है। 534 प्रखंडों और प्रमुख शहरों को मिलाकर 551 स्थानों पर मॉडल स्कूल व्यवस्था विकसित करने तथा विद्यार्थियों को घर से पढ़ाई के लिए लाइव शिक्षक सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार की प्रगति में महिलाओं और बालिकाओं की शिक्षा एवं सशक्तीकरण की महत्वपूर्ण भूमिका है। आंगनबाड़ी, पोषण, पोशाक तथा मैट्रिक, इंटर और स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं के लिए प्रोत्साहन योजनाओं के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी सहायता दी जा रही है। सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 35 प्रतिशत तथा पंचायती राज एवं स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण ने उनकी भागीदारी को नई मजबूती दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार आज विकास और परिवर्तन के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। झारखंड विभाजन के समय लगभग 6 हजार करोड़ रूपये के बजट से आगे बढ़ते हुए राज्य का बजट अब 3 लाख 47 हजार करोड़ रूपये के स्तर तक पहुंचा है। बिहार की पहचान केवल अपने वर्तमान विकास से नहीं, बल्कि पाटलिपुत्र, नालंदा, विक्रमशिला और आचार्य चाणक्य की महान ज्ञान परंपरा से भी है। इस गौरवशाली विरासत को आधुनिक विकास से जोड़ते हुए बिहार को विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभानी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ही बिहार की समृद्धि और विकसित भारत की मजबूत नींव बनेगा। सरकार का संकल्प है कि बिहार का कोई भी विद्यार्थी अवसरों के अभाव में पीछे न रहे और शिक्षा, कौशल एवं रोजगार के माध्यम से अपने भविष्य के साथ-साथ राज्य और देश के भविष्य को भी नई दिशा दे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपनी समस्यायें और सुझाव खुलकर सरकार तक पहुँचायें। बिहार के विद्यार्थी आगे बढ़ेंगे तभी बिहार समृद्ध होगा और विकसित भारत का लक्ष्य पूरा होगा। इस अवसर पर समाहरणालय सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला पदाधिकारी गया, सहायक समाहर्ता, अपर समाहर्ता, ज़िला शिक्षा पदाधिकारी, विभिन्न महाविद्यालय के प्रधानाध्यापक उपस्थित थे। Information & Public Relations Department, Government of Bihar Samrat Choudhary CMO Bihar Bihar Education Department DDNewsLive News18 Bihar Press Information Bureau - PIB, Government of India Social Welfare Department, Government of Bihar Vikas Vaibhav, IPS
Gaya, Bihar | Aug 17, 2026