रेलवे गेट खुलवाकर श्रेय का फोटो सेशन तो हो गया... अब यातायात की चिंता कौन करेगा?
बनखेड़ी में गेट खुला, लेकिन राह अब भी मुश्किल!
रेलवे गेट खुलने के बाद नेताओं ने श्रेय लेने के लिए फोटो सेशन तो कर लिया, लेकिन गेट के पास की बदहाल यातायात व्यवस्था पर किसी की नजर नहीं पड़ी!
👉 रेलवे गेट के पास बनाए गए बड़े-बड़े ब्रेकर से स्कूटी से लेकर चार पहिया वाहन तक टकराते हुए निकल रहे हैं।
👉 सड़क के साइड शोल्डर का समतलीकरण नहीं हुआ।
👉 ब्रिज के नीचे का मार्ग भी समतल नहीं किया गया।
👉 नतीजा—वाहन चालकों और किसानों के लिए परेशानी लगातार बनी हुई है।
⚠️ आज दोपहर अनाज से भरा एक किसान का ट्रैक्टर सड़क से नीचे उतरकर फंस गया, जिसके कारण रेलवे फाटक के पास काफी देर तक यातायात जाम रहा।
सवाल यह है कि गेट खुलवाने का श्रेय लेने की होड़ में क्या जिम्मेदारों को जनता की परेशानी दिखाई नहीं दे रही?
फोटो खिंचवाना आसान है...
लेकिन जनता के लिए सुरक्षित और सुगम रास्ता बनवाना असली जनसेवा है!
नगर के जनप्रतिनिधियों और संबंधित
अधिकारियों से सवाल है—
जब गेट खुल ही गया है, तो अब रास्ते की इन अव्यवस्थाओं को दूर कराने की जिम्मेदारी कौन लेगा?
👉 बनखेड़ी को फोटो सेशन वाली नेतागिरी नहीं, जमीन पर दिखने वाला काम चाहिए।
जनप्रतिनिधि और अधिकारी नगरहित में तत्काल ध्यान दें, इससे पहले कि किसी बड़े हादसे की नौबत आए।
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