#इस्तांबुल के अंतरराष्ट्रीय मंच पर गूंजी बलिया के पत्रकार की आवाज, मीडिया और प्रकाशन पर रखी बात
#तुर्की के #इस्तांबुल में 25 से 27 सितंबर तक आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन सम्मेलन में बलिया के पत्रकार और #बलिया खबर के प्रबंध संपादक कौसर #उस्मान ने मीडिया संबंध आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में अपनी बात रखी। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन इंटरनेशनल यूनियन ऑफ इस्लामिक बुक पब्लिशर्स (IUIBP) की ओर से किया गया था। सम्मेलन में दुनिया के अलग-अलग देशों से प्रकाशकों, पत्रकारों, विश्वविद्यालयों, लेखकों, पुस्तक वितरकों और प्रकाशन संस्थाओं से जुड़े 250 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
इस्तांबुल स्थित सबाहत्तीन जाइम विश्वविद्यालय में आयोजित इस सम्मेलन में 72 देशों की संस्थाओं और प्रकाशन जगत से जुड़े प्रतिनिधियों की भागीदारी रही। तीन दिनों तक चले सम्मेलन में बदलते वैश्विक प्रकाशन बाजार, डिजिटल प्रकाशन, अनुवाद, प्रकाशन अधिकार, पुस्तक वितरण, अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेलों और प्रकाशकों के सामने मौजूद चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
सम्मेलन के दौरान नए प्रकाशन निगरानी केंद्र की शुरुआत की घोषणा भी की गई। इसका उद्देश्य अलग-अलग देशों के प्रकाशन बाजार से जुड़े आंकड़े जुटाना, प्रकाशन जगत में आ रहे बदलावों और रुझानों पर नजर रखना तथा समय-समय पर शोध आधारित रिपोर्ट जारी करना है।
इस केंद्र के माध्यम से अनुवाद, प्रकाशन अधिकार, पुस्तक वितरण, डिजिटल बदलाव, अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेलों और अलग-अलग क्षेत्रों में प्रकाशकों के सामने आने वाली चुनौतियों से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी। इससे प्रकाशकों को वैश्विक प्रकाशन बाजार को समझने, नए रुझानों की पहचान करने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े फैसलों में मदद मिलने की उम्मीद है।
सम्मेलन में इस बात पर भी चर्चा हुई कि अलग-अलग देशों और भाषाओं में फैले प्रकाशन क्षेत्र से जुड़े विश्वसनीय आंकड़े एक जगह उपलब्ध नहीं हैं। इसी कमी को दूर करने के लिए आंकड़ों पर आधारित शोध और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जानकारी साझा करने की व्यवस्था विकसित करने की दिशा में पहल की गई।
मीडिया संबंध आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में कौसर उस्मान ने प्रकाशकों और मीडिया संस्थानों के बीच बेहतर संवाद, अंतरराष्ट्रीय मीडिया संपर्क को मजबूत करने तथा पुस्तकों और प्रकाशन कार्य को व्यापक स्तर तक पहुंचाने से जुड़े सुझाव रखे।
इस्तांबुल में 25 से 27 सितंबर तक आयोजित यह सम्मेलन आने वाले तीन वर्षों के लिए प्रकाशन, संचार, वितरण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में साझा कार्ययोजना तैयार करने की पहल के रूप में सामने आया।