कृषि विविधीकरण से बिहार के आर्थिक विकास को मिलेगी नई गति
आरा। वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर अर्थशास्त्र विभाग में “बिहार के आर्थिक विकास में कृषि विविधीकरण की भूमिका : भोजपुर जिले का एक अध्ययन” विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। अध्यक्षता विभागाध्यक्ष प्रो. अनवर इमाम ने की तथा संचालन डॉ. शशिभूषण राय ने किया।
मुख्य वक्ता टीएम भागलपुर विश्वविद्यालय के प्रो. सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि फसल विविधीकरण, बागवानी, पशुपालन, डेयरी, मत्स्यपालन एवं अन्य कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देकर किसानों की आय, रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।
शोधार्थी मनीषा कुमारी ने भोजपुर जिले में कृषि विविधीकरण की स्थिति, संभावनाओं एवं चुनौतियों पर अपने शोध के प्रमुख बिंदु प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि विविधीकृत कृषि व्यवस्था किसानों की आय बढ़ाने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकती है।
इस अवसर पर भोजपुर के मसाढ़ गांव के पूर्व मुखिया श्री श्री कुमार सिंह की पोती एवं पूर्व पैक्स अध्यक्ष श्री अरविंद कुमार सिंह (पप्पू सिंह) तथा श्रीमती लीला देवी की पुत्री मनीषा कुमारी ने अपने पीएचडी शोध कार्य का फाइनल वाइवा सफलतापूर्वक प्रस्तुत किया। उनकी यह उपलब्धि परिवार एवं क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है।
संगोष्ठी में सामाजिक विज्ञान संकाय के डीन प्रो. ललित सागर सहित विभाग के शिक्षक, शोधार्थी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे ।