खंडवा: संजा पर्व पर आधुनिकता की मार… खंडवा में अब नहीं गूंजते संजा माता के गीत
निमाड़ की लोक संस्कृति में श्राद्ध पक्ष के 16 दिन संजा पर्व मनाने की भी परंपरा है। बालिकाओं द्वारा गोबर से घर के आंगन की दीवार पर विभिन्न आकृतियां उकेरी जाती है और श्रद्धा से पूजा-अर्चना कर अंतिम दिन विसर्जन किया जाता है। वर्तमान आधुनिक युग में बालिकाएं गोबर से परहेज करते हुए इस लोक संस्कृति से दूर हो रही है। शहर में तो कुछ एक परिवारों को छोड़ दे तो अब मोहल्