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Thanesar, Kurukshetra | Aug 18, 2026

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करनाल के संगोही गांव में सैनी समाज का सम्मान समारोह: "शिक्षा और एकता से ही समाज का भविष्य सुरक्षित" - कुलपति डॉ. रामपाल सैनी

करनाल, 17 अगस्त 
सैनी समाज द्वारा चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय जींद के कुलपति प्रोफेसर डॉ. रामपाल सैनी के सम्मान में इन्द्री विधान सभा क्षेत्र के गांव संगोही (करनाल) में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के गौरव को बढ़ाने वाले शिक्षाविदों को सम्मानित कर युवाओं को प्रेरित करना था।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कुंजपुरा मार्किट कमेटी के चेयरमैन दीपक सैनी ने की। इस अवसर पर ऑल इंडिया सैनी सेवा समाज के राष्ट्रीय सचिव सुरेन्द्र सैनी संगोही ने कार्यक्रम को कामयाब बनाने में अहम भूमिका निभाई।

गणमान्य लोग रहे उपस्थित :
समारोह में सैनी समाज के अनेक गणमान्य पदाधिकारी शामिल हुए। इनमें करनाल सैनी समाज के प्रधान जोगिंदर सैनी, ओमप्रकाश सैनी, महावीर सैनी इन्द्री, प्रधान धनसिंह नंबरदार, पूर्व सरपंच केहरसिंह संगोही, ऋषिपाल सैनी, रमन सैनी, सुमित सैनी, जय सिंह सैनी, सैनी समाज इन्द्री के पूर्व अध्यक्ष रणबीर सैनी शामिल रहे। 

बीबीपुर और बयाना से सैनी समाज की पूरी टीम, करनाल से समाज के महासचिव राजीव सैनी, कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज से सुमेर चन्द सैनी, भीम सैनी और सतीश सैनी भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। सभी ने कुलपति डॉ. रामपाल सैनी को पगड़ी, शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

कुलपति डॉ. रामपाल सैनी का  संदेश :

इस अवसर पर संबोधित करते हुए चौधरी रणबीर सिंह यूनिवर्सिटी जींद के कुलपति प्रोफेसर डॉ. रामपाल सैनी ने कहा कि "किसी भी समाज की प्रगति का आधार शिक्षा और संगठन है। यदि हमें अपने अधिकार और सम्मान समाज में सुनिश्चित करने हैं तो हमें शिक्षित और संगठित होकर आगे आना पड़ेगा।"

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और शोध के क्षेत्र में आगे आएं। साथ ही समाज के बुद्धिजीवियों से अपील की कि वे बच्चों को करियर काउंसलिंग दें और उन्हें प्रशासनिक सेवाओं में जाने के लिए प्रेरित करें।

राष्ट्रीय सचिव का उद्बोधन
ऑल इंडिया सैनी सेवा समाज के राष्ट्रीय सचिव सुरेन्द्र सैनी संगोही ने कहा कि समाज के योग्य और प्रतिभाशाली लोगों को आगे लाना हमारी जिम्मेदारी है। डॉ. रामपाल सैनी ने जिस तरह शिक्षा के क्षेत्र में समाज का नाम रोशन किया है, वह सभी के लिए प्रेरणा है। समाज को उनके मार्गदर्शन में एकजुट होकर सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

मार्किट कमेटी कुंजपुरा के चेयरमैन दीपक सैनी ने कहा कि इस प्रकार के सम्मान समारोह समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और नई पीढ़ी को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनों का धन्यवाद किया गया और समाज की एकता व प्रगति के लिए सामूहिक संकल्प लिया गया।

करनाल के संगोही गांव में सैनी समाज का सम्मान समारोह: "शिक्षा और एकता से ही समाज का भविष्य सुरक्षित" - कुलपति डॉ. रामपाल सैनी करनाल, 17 अगस्त सैनी समाज द्वारा चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय जींद के कुलपति प्रोफेसर डॉ. रामपाल सैनी के सम्मान में इन्द्री विधान सभा क्षेत्र के गांव संगोही (करनाल) में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के गौरव को बढ़ाने वाले शिक्षाविदों को सम्मानित कर युवाओं को प्रेरित करना था। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुंजपुरा मार्किट कमेटी के चेयरमैन दीपक सैनी ने की। इस अवसर पर ऑल इंडिया सैनी सेवा समाज के राष्ट्रीय सचिव सुरेन्द्र सैनी संगोही ने कार्यक्रम को कामयाब बनाने में अहम भूमिका निभाई। गणमान्य लोग रहे उपस्थित : समारोह में सैनी समाज के अनेक गणमान्य पदाधिकारी शामिल हुए। इनमें करनाल सैनी समाज के प्रधान जोगिंदर सैनी, ओमप्रकाश सैनी, महावीर सैनी इन्द्री, प्रधान धनसिंह नंबरदार, पूर्व सरपंच केहरसिंह संगोही, ऋषिपाल सैनी, रमन सैनी, सुमित सैनी, जय सिंह सैनी, सैनी समाज इन्द्री के पूर्व अध्यक्ष रणबीर सैनी शामिल रहे। बीबीपुर और बयाना से सैनी समाज की पूरी टीम, करनाल से समाज के महासचिव राजीव सैनी, कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज से सुमेर चन्द सैनी, भीम सैनी और सतीश सैनी भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। सभी ने कुलपति डॉ. रामपाल सैनी को पगड़ी, शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कुलपति डॉ. रामपाल सैनी का संदेश : इस अवसर पर संबोधित करते हुए चौधरी रणबीर सिंह यूनिवर्सिटी जींद के कुलपति प्रोफेसर डॉ. रामपाल सैनी ने कहा कि "किसी भी समाज की प्रगति का आधार शिक्षा और संगठन है। यदि हमें अपने अधिकार और सम्मान समाज में सुनिश्चित करने हैं तो हमें शिक्षित और संगठित होकर आगे आना पड़ेगा।" उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और शोध के क्षेत्र में आगे आएं। साथ ही समाज के बुद्धिजीवियों से अपील की कि वे बच्चों को करियर काउंसलिंग दें और उन्हें प्रशासनिक सेवाओं में जाने के लिए प्रेरित करें। राष्ट्रीय सचिव का उद्बोधन ऑल इंडिया सैनी सेवा समाज के राष्ट्रीय सचिव सुरेन्द्र सैनी संगोही ने कहा कि समाज के योग्य और प्रतिभाशाली लोगों को आगे लाना हमारी जिम्मेदारी है। डॉ. रामपाल सैनी ने जिस तरह शिक्षा के क्षेत्र में समाज का नाम रोशन किया है, वह सभी के लिए प्रेरणा है। समाज को उनके मार्गदर्शन में एकजुट होकर सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। मार्किट कमेटी कुंजपुरा के चेयरमैन दीपक सैनी ने कहा कि इस प्रकार के सम्मान समारोह समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और नई पीढ़ी को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनों का धन्यवाद किया गया और समाज की एकता व प्रगति के लिए सामूहिक संकल्प लिया गया।

Thanesar, Kurukshetra | Aug 18, 2026

Thanesar, Kurukshetra | Aug 17, 2026

रादौर का प्रसिद्ध व ऐतिहासिक 8 दिवसीय जाहरवीर गोगामाडी मेला इस बार शुक्रवार, 25 सितंबर से शुरू होने जा रहा है। मेले को लेकर सोमवार को पवित्र छड़ी निशान का आगमन हुआ। पवित्र छड़ी निशान खेड़ा मोहल्ला वार्ड नं 4 रादौर में स्वागतम् किया गया समाजसेवी संदीप सैनी के निवास पर ले जाया गया। जहां स्थानीय लोगों ने छड़ी निशान की पूजा कर सभी के लिए सुख शांति की कामना की। इस अवसर पर जाहरवीर गोगा माडी के महंत सचिन कश्यप व गुलशन कश्यप ने बताया कि प्रसिद्ध व ऐतिहासिक मेले से पहले  गोगा जी का बसेरा आयोजित किया जायेगा। उसके बाद 24 सितंबर को जाहरवीर गोगा जी की शोभयात्रा पूरे शहर में आयोजित की जायेगी। शोभयात्रा के पूर्ण होने के बाद अगले दिन 25 सितंबर को 8 दिवसीय मेले का शुभारंभ किया जायेगा। उन्होंने बताया कि रादौर में जाहरवीर गोगा माडी पर मुगल काल से 8 दिवसीय मेले का आयोजन होता आ रहा है। मेले से पहले पवित्र छड़ी निशान को रादौर क्षेत्र के अन्य गांवों में घर घर ले जाया जाएगा। जहां श्रद्वालु पवित्र छड़ी निशान की पूजा करेंगे। उन्होंने बताया कि जाहरवीर गोगा माडी मेला रादौर देश व प्रदेश में प्रसिद्ध है। रादौर के मेले के लिए क्षेत्र के लोग वर्ष भर इंतजार करते है। इस मेले की खासियत यह है कि इस मेेले में न केवल भारी संख्या में हिंदू, बल्कि सिख, मुस्लिम, ईसाई व अन्य धर्मो के लोग भी बढ़चढ़ कर भाग लेते रहे है। जहां तक आस्था की बात है तो आपको बता दे कि जब वर्ष में एक बार रादौर का मेला आयोजित होता है तो क्षेत्र के लोग देश व दुनिया से यहां पहुंचकर माथा टेकते है और अपने परिवारों की सलामती के लिए प्रार्थना करते है। मेले में लोग मन्नते पूरी होने पर परिवार सहित छड़ी निशान जाहरवीर गोगा माडी पर चढ़ाने पहुंचते है। छड़ी निशान श्रद्धालुओं के घर से शुरू होकर ढ़ोल नगाड़ों के साथ जाहरवीर गोगा माडी पर पहुंचता है। जाहरवीर गोगामाडी मेला आमतौर पर सितंबर माह में नगरपालिका की ओर से 8 दिन के लिए आयोजित किया जाता है। 400 वर्षो से जाहरवीर गोगामाडी का मेला रादौर में आयोजित होता आ रहा है। जिसमें हिंदू, मुस्लिम सिख, ईसाई सभी धर्मो के लोग भाग लेते है। रादौर के ऐतिहासिक मेले की शान तीन दिन तक लगने वाला दंगल रहता है। मेले में हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, नेपाल आदि से प्रसिद्ध पहलवान कुश्ती लडऩे पहुंचते है। मेले का दंगल मुगलों के समय से आयोजित होता आ रहा है।

रादौर का प्रसिद्ध व ऐतिहासिक 8 दिवसीय जाहरवीर गोगामाडी मेला इस बार शुक्रवार, 25 सितंबर से शुरू होने जा रहा है। मेले को लेकर सोमवार को पवित्र छड़ी निशान का आगमन हुआ। पवित्र छड़ी निशान खेड़ा मोहल्ला वार्ड नं 4 रादौर में स्वागतम् किया गया समाजसेवी संदीप सैनी के निवास पर ले जाया गया। जहां स्थानीय लोगों ने छड़ी निशान की पूजा कर सभी के लिए सुख शांति की कामना की। इस अवसर पर जाहरवीर गोगा माडी के महंत सचिन कश्यप व गुलशन कश्यप ने बताया कि प्रसिद्ध व ऐतिहासिक मेले से पहले गोगा जी का बसेरा आयोजित किया जायेगा। उसके बाद 24 सितंबर को जाहरवीर गोगा जी की शोभयात्रा पूरे शहर में आयोजित की जायेगी। शोभयात्रा के पूर्ण होने के बाद अगले दिन 25 सितंबर को 8 दिवसीय मेले का शुभारंभ किया जायेगा। उन्होंने बताया कि रादौर में जाहरवीर गोगा माडी पर मुगल काल से 8 दिवसीय मेले का आयोजन होता आ रहा है। मेले से पहले पवित्र छड़ी निशान को रादौर क्षेत्र के अन्य गांवों में घर घर ले जाया जाएगा। जहां श्रद्वालु पवित्र छड़ी निशान की पूजा करेंगे। उन्होंने बताया कि जाहरवीर गोगा माडी मेला रादौर देश व प्रदेश में प्रसिद्ध है। रादौर के मेले के लिए क्षेत्र के लोग वर्ष भर इंतजार करते है। इस मेले की खासियत यह है कि इस मेेले में न केवल भारी संख्या में हिंदू, बल्कि सिख, मुस्लिम, ईसाई व अन्य धर्मो के लोग भी बढ़चढ़ कर भाग लेते रहे है। जहां तक आस्था की बात है तो आपको बता दे कि जब वर्ष में एक बार रादौर का मेला आयोजित होता है तो क्षेत्र के लोग देश व दुनिया से यहां पहुंचकर माथा टेकते है और अपने परिवारों की सलामती के लिए प्रार्थना करते है। मेले में लोग मन्नते पूरी होने पर परिवार सहित छड़ी निशान जाहरवीर गोगा माडी पर चढ़ाने पहुंचते है। छड़ी निशान श्रद्धालुओं के घर से शुरू होकर ढ़ोल नगाड़ों के साथ जाहरवीर गोगा माडी पर पहुंचता है। जाहरवीर गोगामाडी मेला आमतौर पर सितंबर माह में नगरपालिका की ओर से 8 दिन के लिए आयोजित किया जाता है। 400 वर्षो से जाहरवीर गोगामाडी का मेला रादौर में आयोजित होता आ रहा है। जिसमें हिंदू, मुस्लिम सिख, ईसाई सभी धर्मो के लोग भाग लेते है। रादौर के ऐतिहासिक मेले की शान तीन दिन तक लगने वाला दंगल रहता है। मेले में हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, नेपाल आदि से प्रसिद्ध पहलवान कुश्ती लडऩे पहुंचते है। मेले का दंगल मुगलों के समय से आयोजित होता आ रहा है।

Thanesar, Kurukshetra | Aug 17, 2026