टाटीझरिया: टाटीझरिया के सुबोध का राजस्थान में दर्दनाक अंत, पोकलेन ठीक करने गए इकलौते चिराग की गहरी खदान में मौत, शव पहुंचते ही मातम
टाटीझरिया के सुबोध का राजस्थान में दर्दनाक अंत, पोकलेन ठीक करने गए इकलौते चिराग की 300 फीट गहरी खदान में मौत, शव पहुंचते ही मातम। नियति का खेल भी कितना क्रूर होता है.. खेतों में धान बोकर जिसके हाथ अभी सूखे भी न थे, किस्मत उसे खींचकर राजस्थान की उस काल रूपी खदान में ले गई, जहां मौत उसका इंतज़ार कर रही थी। शव पहुंचते ही चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया।