🙏🙏🙏
👇
*सबसे पहले बंधुओं आप समाज का हिस्सा, उसके बाद किसी पार्टी के कार्यकर्ता*
मित्रों,
मैं किसी पार्टी का नहीं हूं। मैं समाज का हूं। एक स्वतंत्र आवाज़ हूं।
इसलिए आज बिना डर, बिना चापलूसी के सच बोलूंगा।
देखता हूं कुछ लोग झंडा उठाते ही खुद को भगवान समझने लगते हैं।
दिन भर पार्टी- पार्टी चिल्लाते हैं, पर गली में कचरा पड़ा हो तो आंख बंद कर लेते हैं।
अरे भाई, *पार्टी 5 साल में वोट मांगने आती है। समाज रोज आपकी इज्जत बचाता है।*
जब आपके बाप का इलाज अटका होगा, तब पार्टी का प्रवक्ता नहीं, पड़ोसी 5000 रुपये देगा।
जब आपकी बहन को रात में दिक्कत होगी, तब पार्टी का पद नहीं, मोहल्ले का लड़का दौड़ेगा।
फिर भी अकड़ किस बात की?
पोस्टर चिपका दिए तो नेता बन गए? व्हाट्सएप ग्रुप में 200 मैसेज फॉरवर्ड कर दिए तो समाजसेवी बन गए?
*सुन लो* - लोग आपको पार्टी के नाम से नहीं जानते।
वो जानते हैं "ये अपना है या पराया है। मुसीबत में काम आएगा या नहीं।"
जिस दिन आपने समाज की आवाज दबा दी, उस दिन आपकी पार्टी भी आपको कचरे की तरह फेंक देगी।
क्योंकि इस्तेमाल के बाद टूथपिक भी फेंक दी जाती है।
इसलिए मेरी उन सभी मेहनती कार्यकर्ताओं से अपील है जो सच में दिल से काम करते हैं।
पहले इंसान बनो। पहले समाज का बेटा बनो। फिर झंडा उठाना।
वरना इतिहास गवाह है...
*जिन्होंने समाज को धोखा दिया, पार्टी ने भी उन्हें रसातल में पहुंचा दिया।*
अब फैसला आपका है।
*जरा विचार कीजिए बंधुओं... समाज में रहना है या पार्टी में?*
#स्वतंत्र_आवाज़ #समाज_सर्वोपरि #सच_कड़वा_है
बात दिल ❤️ लगी कमेंट करिए
सही या ग़लत जो भी आपकी बात बुरी नहीं लगेगी क्योंकि आप
समाज के आईना हो
🙏🙏🙏🙏🙏
जयहिंद जय भारत
जय सियाराम