कृषि कॉलोनियों में एक साल से लंबित विद्युत कनेक्शन, कलेक्टर से जांच की मांग
स्पेस चार्ज के प्रावधान के बावजूद डिमांड जारी नहीं करने का आरोप, यूआईटी अप्रूव्ड नक्शे की अनिवार्यता पर उठे सवाल
भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल उपनगर पुर सहित जिले की विभिन्न कृषि कॉलोनियों में विद्युत कनेक्शन के लिए आवेदन करने वाले सैकड़ों आवेदक पिछले कई महीनों से कनेक्शन का इंतजार कर रहे हैं। आवेदकों का कहना है कि कई आवेदन 6 माह से लेकर करीब एक वर्ष पुराने हैं, लेकिन अब तक विद्युत कनेक्शन जारी नहीं किए गए। मामले को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार पर्यावरण सुरक्षा एवं भ्रष्टाचार निवारण संगठन के जिला अध्यक्ष रतनलाल आचार्य ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच एवं लंबित आवेदनों के समयबद्ध निस्तारण की मांग की है। कलेक्टर की अनुपस्थिति में ज्ञापन उनके पीए नितिन शर्मा को तथा मुख्य अधीक्षण अभियंता, अजमेर विद्युत वितरण निगम, भीलवाड़ा को सौंपा गया।
ज्ञापन में बताया गया कि सरकार द्वारा कृषि कॉलोनियों में निर्धारित नियमों के तहत स्पेस चार्ज लेकर विद्युत कनेक्शन जारी करने का प्रावधान है। इसके बावजूद विद्युत विभाग, पुर द्वारा पात्र आवेदकों को मांग-पत्र (डिमांड) जारी नहीं किए जाने से कनेक्शन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। इससे आवेदकों को लंबे समय से विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
यूआईटी अप्रूव्ड नक्शे की अनिवार्यता पर सवाल
आवेदकों ने आरोप लगाया कि वर्तमान में विद्युत कनेक्शन के लिए यूआईटी अप्रूव्ड नक्शा सहित अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। उनका कहना है कि कृषि कॉलोनियों में विद्युत कनेक्शन के लिए यूआईटी स्वीकृत नक्शे की अनिवार्यता संबंधी स्पष्ट नियम या आदेश सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि आवेदकों में असमंजस की स्थिति समाप्त हो सके।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि जिले की कई कृषि कॉलोनियों में पूर्व में अधीक्षण अभियंता स्तर से स्वीकृति के बाद विद्युत कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। ऐसे में वर्तमान प्रक्रिया में अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जाने से आवेदकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पूर्व के कनेक्शनों और वर्तमान प्रक्रिया की जांच की मांग
संगठन ने जिला प्रशासन से मांग की कि पिछले 6 माह से एक वर्ष तक लंबित सभी विद्युत कनेक्शन आवेदनों की जांच कर पात्र आवेदकों से नियमानुसार स्पेस चार्ज लेकर तत्काल डिमांड जारी की जाए तथा कनेक्शन प्रदान किए जाएं। साथ ही यूआईटी अप्रूव्ड नक्शे की अनिवार्यता से संबंधित नियम एवं आदेश सार्वजनिक करने, पूर्व में जारी विद्युत कनेक्शनों और वर्तमान प्रक्रिया की जांच कराने तथा बिना स्पष्ट नियम के अतिरिक्त दस्तावेज मांगकर आवेदनों को लंबित रखने की स्थिति में जिम्मेदारी तय करने की मांग की गई।
ज्ञापन में कहा गया कि लंबे समय तक वैध विद्युत कनेक्शन नहीं मिलने से आमजन को परेशानी हो रही है। साथ ही अनधिकृत विद्युत उपयोग की संभावना बढ़ने से विभाग को राजस्व नुकसान भी हो सकता है। संगठन ने मामले में शीघ्र जांच कराकर लंबित आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण करने की मांग की।
ज्ञापन सौंपते समय संगठन के महासचिव महावीर व्यास, जिला उपाध्यक्ष महावीर सेन, लादू लाल सेन, आसींद तहसील अध्यक्ष सुवालाल कुमावत, गोपाल पलोड, प्रभु लाल बलाई, शरीफ मोहम्मद, मुकेश आचार्य, जाकिर मोहम्मद, गफूर खान, रफीक मोहम्मद, शिव कुमार सहित कई पदाधिकारी एवं आवेदक उपभोक्ता मौजूद रहे।
ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार, एमडी अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड अजमेर तथा अधीक्षण अभियंता अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड भीलवाड़ा को भी भेजी गई है।
Bhilwara, Bhilwara | Oct 6, 2026