
जावेद अख्तर ने पूछा- चुनाव आयोग का विरोध सरकार का विरोध कैसे?
नई दिल्ली/मुंबई। चुनाव आयोग को लेकर देश में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच मशहूर गीतकार और लेखक जावेद अख्तर की सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में है। उन्होंने एक्स (X) पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर प्रदर्शन चुनाव आयोग के खिलाफ है, तो इसे सरकार के विरोध के तौर पर क्यों देखा जा रहा है?
“चुनाव आयोग स्वतंत्र निकाय माना जाता है”
जावेद अख्तर ने अपनी पोस्ट में सवाल किया कि उन्होंने सोचा था कि यह विरोध चुनाव आयोग के खिलाफ है, जिसे पूरी तरह स्वतंत्र निकाय माना जाता है और जो सरकार का हिस्सा नहीं है। ऐसे में उन्होंने पूछा कि चुनाव आयोग का विरोध करना सरकार का विरोध कैसे माना जा सकता है?
चुनाव आयोग को लेकर विरोध प्रदर्शन
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर दिल्ली समेत कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं। प्रदर्शनकारियों की ओर से विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए जा रहे हैं तथा मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की जा रही है।
मुंबई में भी हुआ प्रदर्शन
मुंबई के शिवाजी पार्क में 2 अक्टूबर को कॉकroach जनता पार्टी (CJP) की ओर से प्रदर्शन किया गया। पुलिस की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद प्रदर्शन आयोजित हुआ। रिपोर्टों के मुताबिक मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
जावेद अख्तर की पोस्ट बनी चर्चा का विषय
जावेद अख्तर की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब चुनाव आयोग को लेकर राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के बीच तीखी बहस चल रही है। उनके बयान ने सोशल मीडिया पर चुनाव आयोग की स्वतंत्रता, सरकार और संवैधानिक संस्थाओं के संबंध को लेकर चर्चा को और तेज कर दिया है।
i7 News | खबर वही, जो सवाल उठाए।
#JavedAkhtar #ElectionCommission #GyaneshKumar #CJPProtest #MumbaiProtest #ElectionCommissionOfIndia #SIR #Democracy #PoliticalNews #i7News #i7NewsIndia