
उत्तराखंड में चुनावी हलचल तेज, बड़े चेहरों की सीटों पर भाजपा का मंथन
मुख्यमंत्री की सीट से लेकर अनिल बलूनी के चुनावी मैदान तक चर्चाएं तेज, चार विधानसभा क्षेत्रों में कथित सर्वे की चर्चा
उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही सियासी गतिविधियां तेज होती नजर आ रही हैं। भारतीय जनता पार्टी ने चुनावी रणनीति को धार देने के साथ ही पार्टी के प्रमुख चेहरों को संभावित रूप से विधानसभा के मैदान में उतारने को लेकर सीटों का आकलन शुरू कर दिया है। राजनीतिक गलियारों में मुख्यमंत्री की संभावित विधानसभा सीट को लेकर जहां मंथन की चर्चाएं हैं, वहीं गढ़वाल सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय स्तर पर मीडिया संबंधी दायित्व निभा रहे अनिल बलूनी को विधानसभा चुनाव लड़ाए जाने की अटकलों ने भी सियासी तापमान बढ़ा दिया है।
चार सीटों पर सर्वे की चर्चा, यमकेश्वर पर खास नजर
सियासी चर्चाओं के मुताबिक अनिल बलूनी की संभावित विधानसभा उम्मीदवारी को लेकर चार सीटों पर सर्वे कराए जाने की बात सामने आ रही है। इनमें गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र की रामनगर और यमकेश्वर विधानसभा सीटें तथा हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र की डोईवाला और ऋषिकेश विधानसभा सीटें शामिल बताई जा रही हैं। सूत्रों के हवाले से यह भी चर्चा है कि इन सीटों से जुड़ी रिपोर्ट पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंच चुकी है। हालांकि, सर्वे और रिपोर्ट को लेकर भाजपा की ओर से अभी कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
यमकेश्वर में बढ़ी विपिन कैंथोला की सक्रियता
इन चर्चाओं के बीच यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा नेता एवं अधिवक्ता विपिन कैंथोला की बढ़ती सक्रियता भी राजनीतिक नजरों में है। अनिल बलूनी के करीबी माने जाने वाले कैंथोला इन दिनों क्षेत्र में लगातार जनसंपर्क करते नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों से संवाद के साथ-साथ क्षेत्र की राजनीतिक नब्ज टटोलने की उनकी सक्रियता को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
भाजपा द्वारा पूर्व में भी कई राज्यों में सांसदों को विधानसभा चुनाव के मैदान में उतारा जा चुका है। ऐसे में अनिल बलूनी को विधानसभा चुनाव लड़ाए जाने की चर्चाओं ने उत्तराखंड की सियासत में नई संभावनाओं को जन्म दिया है। वहीं, यमकेश्वर में विपिन कैंथोला की सक्रियता ने एक और सवाल खड़ा कर दिया है—क्या कैंथोला खुद चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं या फिर संभावित तौर पर अनिल बलूनी के लिए सियासी सारथी की भूमिका निभाएंगे?
यमकेश्वर को लेकर चर्चाएं सबसे ज्यादा
सूत्रों के हवाले से यह भी चर्चा है कि कथित सर्वे में चारों सीटों के बीच यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र को लेकर अनिल बलूनी के नाम पर अपेक्षाकृत अधिक सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में भी कोई आधिकारिक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है। ऐसे में फिलहाल इसे सियासी हलकों में चल रही चर्चा के तौर पर ही देखा जा रहा है।
अब नजर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के फैसले पर
फिलहाल भाजपा के भीतर संभावित सीटों और बड़े नेताओं की चुनावी भूमिका को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। मुख्यमंत्री की संभावित सीट से लेकर अनिल बलूनी के विधानसभा चुनाव लड़ने की अटकलों और यमकेश्वर में विपिन कैंथोला की बढ़ती सक्रियता तक, कई सियासी समीकरणों पर निगाहें टिकी हैं। अंतिम तस्वीर पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के फैसले के बाद ही साफ होगी। फिलहाल इतना जरूर है कि चुनावी रण से पहले भाजपा की संभावित रणनीति को लेकर उत्तराखंड की सियासत में चर्चाओं का दौर तेज हो चुका है।
Pauri, Garhwal | Sep 27, 2026