
एम्स बिलासपुर में दुर्लभ कैंसर की जटिल सर्जरी सफल, 10×8 सेंटीमीटर का ट्यूमर निकाला।
शिमला के मरीज की पेट की गहराई में था बड़ा ट्यूमर, मुख्य रक्तवाहिका के बेहद करीब होने से ऑपरेशन था चुनौतीपूर्ण
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर के कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने एक बेहद दुर्लभ और जटिल कैंसर की सफल सर्जरी कर चिकित्सा क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। शिमला क्षेत्र से संबंधित मरीज के पेट की गहराई में करीब 10×8 सेंटीमीटर आकार का बड़ा ट्यूमर पाया गया था, जिसे विशेषज्ञों की टीम ने जटिल ऑपरेशन के जरिए सफलतापूर्वक निकाल दिया।
चिकित्सकों के अनुसार मरीज इन्फीरियर वेना कावा (IVC) लियोमायोसारकोमा से पीड़ित था। यह अत्यंत दुर्लभ प्रकार का कैंसर है, जो शरीर की प्रमुख रक्तवाहिका इन्फीरियर वेना कावा से विकसित होता है। यह नस शरीर के निचले हिस्से से रक्त को वापस हृदय तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य करती है।
ट्यूमर मुख्य रक्तवाहिका के बेहद करीब स्थित होने के कारण ऑपरेशन को अत्यंत जोखिमपूर्ण और चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था। ऐसी स्थिति में सर्जरी के दौरान रक्तस्राव सहित कई गंभीर जटिलताओं का खतरा रहता है। इसके बावजूद एम्स बिलासपुर के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने पूरी सावधानी और विशेषज्ञता के साथ जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया और ट्यूमर को बाहर निकालने में सफलता हासिल की।
बताया जा रहा है कि इन्फीरियर वेना कावा लियोमायोसारकोमा के दुनिया भर में अब तक 450 से भी कम मामले मेडिकल इतिहास में दर्ज होने की बात सामने आई है। ऐसे में एम्स बिलासपुर में इस दुर्लभ बीमारी से जुड़े जटिल मामले की सफल सर्जरी संस्थान की उन्नत चिकित्सा सुविधाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
इस सफल ऑपरेशन से न केवल मरीज को नई जिंदगी मिली है, बल्कि हिमाचल प्रदेश में जटिल और दुर्लभ बीमारियों के उपचार के लिए एम्स बिलासपुर की विशेषज्ञ सेवाओं पर भरोसा भी मजबूत हुआ है।
न्यूज टुडे हिमाचल ब्यूरो
#AIIMSBilaspur #Bilaspur #HimachalPradesh #RareCancer #MedicalAchievement #HimachalNews