
#मध्यप्रदेश में छात्रों और शिक्षक अभ्यर्थियों के बाद अब 9300 जनसेवा मित्रों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को भोपाल के बोर्ड ऑफिस चौराहे पर बाबा साहेब आंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष जनसेवा मित्र संगठन ने धरना देकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के उस वादे को पूरा करने की मांग की, जिसमें जनसेवा मित्रों की सेवा निरंतर जारी रखने की बात कही गई थी। सवाल यह है कि जब सरकार के लिए इन युवाओं की सेवाएं चुनाव से पहले जरूरी थीं, तो चुनाव के बाद इन्हें अचानक क्यों हटा दिया गया और आज तक इनकी बहाली क्यों नहीं की गई?
सबसे बड़ा सवाल मौजूदा भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी उठ रहा है। #जनसेवा_मित्रों का आरोप है कि 9300 पहले से प्रशिक्षित और योजनाओं पर काम कर चुके युवाओं का भविष्य अधर में छोड़कर अब मुख्यमंत्री यंग इंटर्न्स फॉर गुड गवर्नेंस प्रोग्राम के तहत 4865 नए युवाओं की भर्ती की जा रही है। यदि सरकार को युवाओं की सेवाओं की जरूरत है, तो पहले से काम कर चुके जनसेवा मित्रों को मौका क्यों नहीं दिया जा रहा? भर्ती की गाइडलाइन, चयन प्रक्रिया और इसकी पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवालों का सरकार क्या जवाब देगी?
जनसेवा मित्रों का कहना है कि सरकार पहले 9300 युवाओं को रोजगार का भरोसा देकर उनके साथ अन्याय कर चुकी है और अब नई भर्ती के जरिए हजारों युवाओं को फिर अस्थायी रोजगार का सपना दिखाया जा रहा है। ऐसे में सवाल सिर्फ 9300 जनसेवा मित्रों की बहाली का नहीं, बल्कि सरकार की युवा रोजगार नीति और भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता का भी है। धरने के बाद मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मांग की गई कि नई भर्ती से पहले पुराने जनसेवा मित्रों की सेवा बहाल की जाए और सरकार पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब दे।
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Indore, Indore | Sep 5, 2026