
बैढ़न में गांधी प्रतिमा का इंतजार, जनप्रतिनिधियों की पहल पर भी उठे सवाल
नागरिकों ने प्रमुख स्थान पर प्रतिमा स्थापित कराने की उठाई मांग,
बोले- भावी पीढ़ी को गांधी विचारों से जोड़ने का बने माध्यम
सिंगरौली (बैढ़न)। जिला मुख्यालय बैढ़न में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा का न होना स्थानीय प्रबुद्धजनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। नागरिकों का कहना है कि देश के अनेक जिला मुख्यालयों में प्रमुख चौराहों, पार्कों अथवा प्रशासनिक परिसरों में महात्मा गांधी की प्रतिमाएं स्थापित हैं, लेकिन सिंगरौली जिला मुख्यालय अब तक इससे वंचित है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक महात्मा गांधी सत्य, अहिंसा, स्वावलंबन और सामाजिक सद्भाव के प्रतीक हैं। ऐसे में जिला मुख्यालय में उनकी प्रतिमा की स्थापना महज एक स्मारक स्थापित करना नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को उनके विचारों और आदर्शों से परिचित कराने का माध्यम भी होगी। नागरिकों का कहना है कि सार्वजनिक स्थल पर प्रतिमा होने से लोगों, विशेषकर युवाओं को गांधीजी के जीवन और सिद्धांतों को जानने की प्रेरणा मिलेगी।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से पहल की अपेक्षा
प्रबुद्ध वर्ग एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए मांग की है कि बैढ़न में किसी प्रमुख चौराहे, पार्क या उपयुक्त प्रशासनिक परिसर का चयन कर महात्मा गांधी की प्रतिमा स्थापित कराई जाए।
इसी के साथ यह सवाल भी उठ रहा है कि अब तक जिले के जनप्रतिनिधियों की ओर से गांधी प्रतिमा की स्थापना को लेकर क्या पहल की गई? क्या इस संबंध में प्रशासन के समक्ष कोई प्रस्ताव, ज्ञापन अथवा मांग रखी गई है? नागरिकों का कहना है कि यदि अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है तो जनप्रतिनिधियों को इस विषय को प्राथमिकता के साथ उठाना चाहिए।
अन्य महापुरुषों की प्रतिमाओं की स्थापना हुई, गांधी प्रतिमा का इंतजार
सिंगरौली में अन्य महापुरुषों की प्रतिमाओं की स्थापना के उदाहरण सामने आते रहे हैं। जनवरी 2025 में कलेक्ट्रेट कार्यालय के समीप नवनिर्मित जुड़वा तालाब पार्क में महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण किया गया था। सांसद कार्यालय में स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा का अनावरण किया गया ऐसे में नागरिकों का कहना है कि जिला मुख्यालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के लिए भी पहल होनी चाहिए।
हालांकि, उपलब्ध सार्वजनिक सूचनाओं के आधार पर यह स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा सकता कि किसी जनप्रतिनिधि ने व्यक्तिगत या गैर-सार्वजनिक स्तर पर इस संबंध में कोई प्रयास नहीं किया है। इसलिए नागरिकों की मांग है कि जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधि अब तक की गई पहल की स्थिति स्पष्ट करें और यदि कोई प्रस्ताव लंबित है तो उसे आगे बढ़ाते हुए प्रतिमा स्थापना की प्रक्रिया शुरू की जाए।
“गांधी के विचार आज भी प्रासंगिक”
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि महात्मा गांधी के विचार और आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं। “जिला मुख्यालय में उनकी प्रतिमा स्थापित होने से युवाओं और आम नागरिकों को सत्य, अहिंसा और स्वावलंबन के उनके संदेश से प्रेरणा मिलेगी। यह आने वाली पीढ़ियों को गांधीजी के विचारों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।”
नागरिकों ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस मांग को गंभीरता से लेते हुए बैढ़न में महात्मा गांधी की प्रतिमा स्थापित कराने के लिए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
जब महात्मा गांधी जी जयंती आती है तो एनसीएल परियोजनाओं के भरोसे कार्यक्रमों को करते देखा जा सकता है गांधी जयंती के दिन भी यही होगा या तो एनसीएल के अम्लोरी परियोजना पर निर्भर रहना होगा या तो दुद्धिचुआ परियोजना एनसीएल के अंतर्गत कार्यक्रमों को करते देखा जा सकता है !
शासन प्रशासन इतना खर्च करती है मगर एक महात्मा गांधी जी की प्रतिमा लगाने के लिए स्थान नहीं ढूंढ पाई और ना ही इस और कोई पहल की गई !