
सहारा में फंसे ₹32,600 करोड़ की वापसी की मांग को लेकर आज से रांची में सत्याग्रह, राज्यभर से जुटेंगे निवेशक
अब तक 74 निवेशकों की मौत, आश्रितों को ₹10-10 लाख मुआवजा देने की मांग
रांची: झारखंड में सहारा इंडिया की विभिन्न योजनाओं में अपनी गाढ़ी कमाई गंवा चुके निवेशकों के सब्र का बांध अब टूटने लगा है। राज्य के करीब एक करोड़ निवेशकों के फंसे 32,600 करोड़ रुपये की वापसी की मांग को लेकर 9 अगस्त से रांची स्थित लोकभवन के समक्ष अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू किया जाएगा। विश्व भारती जनसेवा संस्थान के बैनर तले आयोजित इस आंदोलन में राज्यभर से हजारों सहारा निवेशकों के रांची पहुंचने की उम्मीद है।
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग है कि राज्य सरकार मामले में हस्तक्षेप करते हुए सहारा से जुड़ी संपत्तियों की नीलामी की प्रक्रिया शुरू कराए और निवेशकों की बकाया राशि जल्द से जल्द वापस दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाए।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले सरकार की ओर से सहारा पीड़ितों की राशि वापस दिलाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन करीब दो वर्ष बीत जाने के बाद भी बड़ी संख्या में निवेशकों को उनकी जमा राशि वापस नहीं मिल सकी है।
आंदोलन से जुड़े लोगों के अनुसार, सहारा में पैसा फंसे होने और आर्थिक परेशानी के बीच अब तक 74 निवेशकों की मौत हो चुकी है। ऐसे मृत निवेशकों के आश्रितों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने की भी मांग की जा रही है।
आयोजकों ने राज्यभर के सहारा निवेशकों से रांची पहुंचकर सत्याग्रह में शामिल होने की अपील की है। उनका कहना है कि जब तक निवेशकों की समस्याओं के समाधान और फंसी राशि की वापसी को लेकर ठोस पहल नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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Kanke, Ranchi | Aug 9, 2026