केशकाल स्थित इको-पर्यटन केंद्र टाटामारी में हरेली पर्व के अवसर पर फूड फेस्टिवल का आयोजन किया गया। महिला स्व-सहायता समूहों ने बस्तर और छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजन तैयार किए, जिनका पर्यटकों एवं अतिथियों ने आनंद लिया।
इस अवसर पर म्यूजियम और तालाब में कायाकिंग सुविधा का शुभारंभ किया गया। वहीं टाटामारी को प्लास्टिक मुक्त पर्यटन स्थल बनाने की दिशा में भी विशेष पहल शुरू की गई।
पर्यटन गतिविधियों से महिला स्व-सहायता समूहों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर बढ़ रहे हैं। हरेली पर्व के माध्यम से प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
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