
शिवहर: शिक्षा विभाग में वर्षों से जमे अकाउंटेंट, भ्रष्टाचार का बना अड्डा
शिवहर : पिछले कई वर्षों से शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार मुँह चिढ़ा रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण है विभाग में एक ही पद पर सालों से जमे कर्मचारियों का बना रहना। जिले के सभी प्रखंडों में जैसे brc में अकाउंटेंट के पद पर तैनात कर्मी वर्षों से एक ही जगह पर जमे हुए हैं, *तरियानी, पिपराही brc में प्रमुख रूप से है जिसकी वजह से विभाग में पारदर्शिता खत्म हो गई है और भ्रष्टाचार व्याप्त है।*
शिक्षा विभाग की अपनी ट्रांसफर नीति है, लेकिन उसका पालन नहीं हो रहा। एक ही जगह पर लंबे समय तक रहने के कारण अकाउंटेंट मनमानी करने लगे हैं। बिल पास करने, वेतन और अन्य वित्तीय कार्यों में अनावश्यक देरी और कमीशनखोरी की शिकायतें आम हो गई हैं।
स्थानीय शिक्षकों और अभिभावकों का कहना है कि जब तक इन कर्मचारियों का तबादला नहीं होगा, तब तक व्यवस्था नहीं सुधरेगी। "एक ही कुर्सी पर 5-7 साल से बैठे लोग सिस्टम को अपने हिसाब से चलाते हैं। नए आने वाले शिक्षकों को भी परेशान किया जाता है" - एक शिक्षक ने नाम न बताने की शर्त पर कहा।
अभिभावकों और शिक्षकों ने मांग की है कि अविलंब सभी प्रखंडों के अकाउंटेंट का स्थानांतरण किया जाए और रोस्टर के अनुसार नई तैनाती हो, ताकि शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर रोक लग सके और पारदर्शिता बहाल हो।