
**सासाराम:** रोहतास जिले के पहलेजा छावनी गांव में 17 साल तक भारतीय सेना में सेवा देने के बाद रिटायर होकर लौटे कृष्णा कुमार सिंह का ग्रामीणों ने जोरदार स्वागत किया। शुक्रवार को जैसे ही वह रेलवे स्टेशन पहुंचे, गांव के युवाओं ने फूल-माला पहनाकर उनका स्वागत किया। इस दौरान **‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’** के नारे गूंजते रहे।
स्टेशन से युवाओं का काफिला उन्हें लेकर गांव पहुंचा। गांव में ग्रामीणों ने फूल-मालाओं और पटाखों के साथ उनका स्वागत किया। इसके बाद कृष्णा कुमार सिंह ने गांव के मंदिर में पहुंचकर भगवान का आशीर्वाद लिया। महिलाओं ने तिलक लगाकर उनका स्वागत किया।
इस पूरे स्वागत का सबसे भावुक पल तब आया, जब कृष्णा कुमार सिंह अपनी मां **प्रभावती देवी** के सामने पहुंचे। लंबे समय बाद बेटे को सामने देखकर मां की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। मां-बेटे का यह मिलन देखकर वहां मौजूद कई लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
खास बात यह रही कि कृष्णा कुमार सिंह के घर लौटने का दिन **जितिया पर्व के नहाय-खाय** का दिन था। उन्होंने कहा कि 17 साल तक परिवार से दूर रहकर देश की सेवा करने के बाद रिटायर होकर घर लौटना और जितिया के दिन मां के सामने होना उनके लिए बेहद खुशी का पल है।
कृष्णा कुमार सिंह ने **सितंबर 2009 में भारतीय सेना में भर्ती होकर** सेवा शुरू की थी। उनकी पहली पोस्टिंग मेघालय में हुई। इसके बाद उन्होंने हिमाचल प्रदेश में चीन सीमा के पास भी ड्यूटी की। वह राष्ट्रीय राइफल्स में भी तैनात रहे और विभिन्न चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाई। **ऑपरेशन सिंदूर** के दौरान भी वह ड्यूटी पर तैनात रहे।
कृष्णा कुमार सिंह ने कहा कि 17 साल की सर्विस पूरी कर वह घर लौटे हैं। अब वह अपने गांव और परिवार के साथ रहेंगे। उनके पिता रघुवंश सिंह किसान हैं। बेटे की वापसी पर उन्होंने कहा कि देश की सेवा करके सकुशल घर लौटना उनके लिए गर्व और खुशी का सबसे बड़ा पल है।