‘मेरे शब्द, मेरी कहानी’ पठन अभियान का डाइट चंबा में शुभारंभ
पुस्तकालय के प्रभावी उपयोग और पठन संस्कृति को बढ़ावा देने पर जोर
सुरेंद्र ठाकुर
चंबा, 18 अगस्त 2026
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) चंबा, सरू में मंगलवार को ‘मेरे शब्द, मेरी कहानी’ थीम पर आधारित पठन अभियान का शुभारंभ किया गया। समग्र शिक्षा हिमाचल प्रदेश के निर्देशों के तहत आयोजित यह अभियान जिले के विद्यालयों में बच्चों में पढ़ने की आदत, रचनात्मक अभिव्यक्ति, चिंतन क्षमता और पुस्तकों के प्रति रुचि विकसित करने के उद्देश्य से 15 अगस्त से 8 सितंबर 2026 तक चलाया जा रहा है।
अभियान का शुभारंभ जिला उप शिक्षा निदेशक (शिक्षा गुणवत्ता) एवं जिला परियोजना अधिकारी समग्र शिक्षा चंबा उपमा शर्मा तथा डाइट चंबा की प्रधानाचार्य नम्रता शर्मा की उपस्थिति में हुआ। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षकों को पुस्तकालय के प्रभावी उपयोग तथा नियमित पुस्तक-पठन के लिए प्रेरित किया गया।
पुस्तकालय ज्ञान और व्यक्तित्व विकास का केंद्र : उपमा शर्मा
इस अवसर पर उपमा शर्मा ने कहा कि पुस्तकालय केवल पुस्तकों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह ज्ञान, कल्पना, चिंतन और व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने शिक्षकों एवं प्रशिक्षकों से पठन अभियान को जन-आंदोलन का रूप देने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल माध्यमों का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में बच्चों में पुस्तक पढ़ने की संस्कृति को पुनर्जीवित करना जरूरी है। उन्होंने बच्चों को अपने विचारों और भावनाओं को शब्दों के माध्यम से व्यक्त करने के लिए पत्र-लेखन जैसी रचनात्मक गतिविधियों को भी प्रोत्साहित करने का सुझाव दिया।
प्रशिक्षकों से नियमित पुस्तक-पठन का आह्वान
डाइट चंबा की प्रधानाचार्य नम्रता शर्मा ने कहा कि प्रशिक्षुओं एवं शिक्षकों को पाठ्य-पुस्तकों के साथ-साथ पुस्तकालय की पुस्तकों का भी नियमित अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने सभी प्रशिक्षकों से अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने और पठन की संस्कृति को विद्यालयों के माध्यम से बच्चों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का आग्रह किया।
सात प्रमुख चरणों में चलेगा अभियान
लाइब्रेरी कोऑर्डिनेटर एवं डाइट प्रवक्ता डॉ. राशि जंदरोटिया ने अभियान की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि जिला चंबा में अभियान को सात प्रमुख चरणों में क्रियान्वित किया जाएगा।
इनमें My Life, My Library – Reading Engagement Drive, Pledge Reading Time, Creation Driven Literacy – 100 Word Micro Stories, Reading Reflection Corners, Read-a-Thon तथा अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर अभियान का समापन प्रमुख गतिविधियां शामिल हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षकों ने डाइट के पुस्तकालय से अपनी रुचि एवं पसंद के अनुसार पुस्तकें चयनित कर इश्यू कीं। उन्हें नियमित रूप से पुस्तक पढ़ने, अपने अनुभव साझा करने तथा पढ़ी गई पुस्तकों पर चिंतन एवं अभिव्यक्ति के लिए भी प्रेरित किया गया।
समृद्ध पुस्तकालय बच्चों की रचनात्मकता को देता है नई दिशा
डाइट प्रवक्ता डॉ. कविता बिजलवान ने प्रशिक्षकों को संबोधित करते हुए ‘लाइब्रेरी क्या है, पुस्तकालय के नियम, उद्देश्य एवं शैक्षिक महत्व’ विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि एक समृद्ध पुस्तकालय विद्यार्थी को केवल जानकारी उपलब्ध नहीं करवाता, बल्कि उसकी कल्पनाशक्ति, भाषा-कौशल, तार्किक चिंतन, संवेदनशीलता और रचनात्मकता के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने प्रशिक्षकों से स्वयं नियमित पुस्तक-पठन की आदत विकसित करने और विद्यालयों में बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत बनने का आह्वान किया।
रूम टू रीड इंडिया ट्रस्ट का भी सहयोग
उल्लेखनीय है कि रूम टू रीड इंडिया ट्रस्ट के सहयोग से राज्य स्तर पर कार्यशालाओं के माध्यम से शिक्षकों एवं संबंधित पदाधिकारियों को अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है।
डाइट चंबा की ओर से आयोजित राज्य स्तरीय प्रशिक्षण में डॉ. कविता बिजलवान, सफीना शेख, प्रवीण अख्तर तथा पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ककीरा के प्रधानाचार्य जगजीत आजाद ने सहभागिता की थी।
विद्यालयों में होंगी विभिन्न रचनात्मक गतिविधियां
अभियान के अंतर्गत विद्यालयों में बच्चों को पुस्तकालय की पुस्तकों से जोड़ने, नियमित पठन, पठन-पासपोर्ट/Check-in–Check-out गतिविधि, दैनिक पठन समय, 100 शब्दों की मौलिक कहानियां लिखने, Reading Reflection Corners स्थापित करने तथा Read-a-Thon जैसी गतिविधियों के माध्यम से पठन को आनंददायक एवं रचनात्मक अनुभव बनाने पर विशेष बल दिया जाएगा।
सभी विद्यालयों में प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश
जिला उप शिक्षा निदेशक शिक्षा (गुणवत्ता) उपमा शर्मा ने सभी खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने खंड के अधीन आने वाले सभी विद्यालयों में अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ प्रभावी रूप से लागू करवाएं। उन्होंने विद्यालय स्तर पर गतिविधियों की नियमित निगरानी और अभिलेख संधारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों से जिला चंबा पठन अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन में राज्य स्तर पर अग्रणी भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रशिक्षकों ने अभियान को सफल बनाने के लिए सक्रिय सहभागिता का संकल्प लिया। ‘मेरे शब्द, मेरी कहानी’ अभियान के माध्यम से जिला चंबा के विद्यालयों में पढ़ने को केवल एक शैक्षणिक गतिविधि नहीं, बल्कि आनंद, अभिव्यक्ति, चिंतन और जीवनभर सीखने की संस्कृति के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।
Chamba, Chamba | Aug 18, 2026