
🌱 प्राकृतिक खेती अपनाएँ, मिट्टी और फसल दोनों बचाएँ! 🌾
वैशाली में किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा खरीफ फसलों में कीट-व्याधि नियंत्रण को लेकर किया गया जागरूक।
जिला पदाधिकारी, वैशाली श्रीमती वर्षा सिंह (भा.प्र.से.) के निर्देशन में कृषि विभाग द्वारा किसान जागरूकता कार्यक्रम/किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों के साथ प्राकृतिक एवं जैविक खेती के लाभों की जानकारी दी गई।
🌿 प्राकृतिक खेती पर जोर
गोबर की खाद, कम्पोस्ट, वर्मी कम्पोस्ट, जीवामृत एवं घनजीवामृत जैसे स्थानीय जैविक संसाधनों के उपयोग से मृदा की उर्वरता एवं जैविक सक्रियता बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया।
🐛 कीट-व्याधि नियंत्रण की वैज्ञानिक जानकारी
धान, मक्का, अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली एवं सब्जियों में प्रमुख कीट एवं रोगों की पहचान, नियमित फसल निगरानी तथा आर्थिक क्षति स्तर के आधार पर ही कीटनाशी/रोगनाशी के प्रयोग की सलाह दी गई।
🌾 संतुलित उर्वरक उपयोग
मृदा स्वास्थ्य कार्ड एवं फसल की आवश्यकता के अनुसार नत्रजन, स्फुर, पोटाश और सूक्ष्म पोषक तत्वों का संतुलित उपयोग करने तथा अनावश्यक यूरिया प्रयोग से बचने पर विशेष बल दिया गया।
किसानों को बीज उपचार, फसल चक्र, उचित सिंचाई एवं खरपतवार प्रबंधन अपनाने के लिए भी जागरूक किया गया।
👉 किसान हित में संदेश: बिना तकनीकी सलाह के रासायनिक दवाओं का प्रयोग न करें। किसी भी कीट या रोग के प्रकोप की स्थिति में कृषि पदाधिकारी/विशेषज्ञ से सलाह लेकर ही अनुशंसित दवा एवं निर्धारित मात्रा का प्रयोग करें।
🌱 स्वस्थ मिट्टी • स्वस्थ फसल • समृद्ध किसान 🌾
Information & Public Relations Department, Government of Bihar
Department of Agriculture, Government of Bihar
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