Public App Logo
Jansamasya
News
पुलिस
Bjp
National
Police
Bihar
India
कांग्रेस
बीजेपी
Gujarat
Congress
Modi
Delhi
Viral
मारपीट
Crime
Jharkhand
Dm
Up
Bollywood
Breakingnews
Narendramodi
Madhya_pradesh
उत्तरप्रदेश
Pmmodi
Rahulgandhi
यूपी
कानपुर
Uttarpradesh

70 साल की माँ ने बेटे के सपनों के लिए 18 साल तक संदूक में छिपाकर रखे ₹10 के नोट, चिट्ठी पढ़कर रो पड़ा पूरा गाँव। हिमाचल के भैरखाल गांव की कमला देवी ने हर हफ्ते थोड़ा-थोड़ा बचाकर जोड़े ₹3,67,400, मौत के बाद कपड़ों के नीचे मिली गड्डियां और एक भावुक चिट्ठी। कहते हैं माँ का प्यार कभी हिसाब नहीं मांगता। इसका जीता-जागता उदाहरण हिमाचल की तलहटी में बसे छोटे से गांव भैरखाल में देखने को मिला, जहां 70 वर्षीय कमला देवी के निधन के बाद उनके पुराने संदूक से ऐसी चीज़ निकली जिसने पूरे गांव की आँखें नम कर दीं। कमला देवी का निधन पिछले सप्ताह हो गया था। अंतिम संस्कार के बाद जब परिवार के लोग उनके पुराने कपड़ों और संदूक को संभाल रहे थे, तो कपड़ों के नीचे कई पॉलिथीन में लिपटी हुई ₹10 के नोटों की गड्डियां मिलीं। गिनने पर कुल रकम *₹3,67,400 निकली। और इन्हीं नोटों के ऊपर रखी थी एक मुड़ी-तुड़ी पुरानी चिट्ठी। चिट्ठी पर कांपते हाथों से लिखा था "ये पैसे मेरे बेटे के सपनों के लिए हैं। जब उसे सबसे ज्यादा जरूरत हो, तब उसे दे देना।" *त्याग और ममता की मिसाल* गाँव वालों के मुताबिक कमला देवी ने अपनी पूरी जिंदगी बेहद सादगी में गुजारी। उन्होंने कभी अपने लिए नए कपड़े नहीं खरीदे, न कभी स्वादिष्ट भोजन की इच्छा जताई। पेंशन और घर के छोटे-मोटे काम से जो भी पैसा मिलता, उसमें से हर हफ्ते ₹10-₹20 निकालकर वह संदूक में रख देती थीं। किसी को भनक तक नहीं लगी, यहां तक कि उनके बेटे मोहन सिंह को भी नहीं। *बेटे का रो-रोकर बुरा हाल* चिट्ठी पढ़ते ही बेटा मोहन सिंह फूट-फूटकर रो पड़ा। उसने बताया, "मुझे कभी पता ही नहीं चला कि माँ मेरे लिए इतने सालों से त्याग कर रही थीं। मैं सोचता था माँ पैसे कहां खर्च करती हैं। आज समझ आया, वो मेरे भविष्य के लिए जोड़ रही थीं। माँ ने जो किया, मैं कभी चुका नहीं सकता।" गाँव के प्रधान ने कहा कि कमला देवी का ये त्याग आज के समाज के लिए एक सीख है। #Bharatcrimelivenews #MaaKaPyaar #EmotionalStory #ViralNews #HimachalNews

Rafiganj, Aurangabad | Aug 16, 2026

MORE NEWS

थाना में लंबित कांडों की समीक्षा, SDPO-2 आदित्य कुमार ने दिए त्वरित निष्पादन के निर्देश

#रफीगंज #SDPO2 #आदित्यकुमार #रफीगंजथाना #औरंगाबादपुलिस #बिहारपुलिस #पुलिससमीक्षा #लंबितकांड #कांडअनुसंधान #पुलिसकार्रवाई #कानूनव्यवस्था #Aurangabad #Rafiganj #BiharPolice #BharatCrimeLiveNews

थाना में लंबित कांडों की समीक्षा, SDPO-2 आदित्य कुमार ने दिए त्वरित निष्पादन के निर्देश #रफीगंज #SDPO2 #आदित्यकुमार #रफीगंजथाना #औरंगाबादपुलिस #बिहारपुलिस #पुलिससमीक्षा #लंबितकांड #कांडअनुसंधान #पुलिसकार्रवाई #कानूनव्यवस्था #Aurangabad #Rafiganj #BiharPolice #BharatCrimeLiveNews

Rafiganj, Aurangabad | Aug 16, 2026

औरंगाबाद जिला के प्रभारी मंत्री रमा निषाद शनिवार को शाम मदनपुर प्रखंड के धार्मिक स्थल सिताथापा पहुंची जहां पूरी बारीकी से पर्वत पर चढ़कर जानकारी ली और इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का आश्वसन दिया।

औरंगाबाद जिला के प्रभारी मंत्री रमा निषाद शनिवार को शाम मदनपुर प्रखंड के धार्मिक स्थल सिताथापा पहुंची जहां पूरी बारीकी से पर्वत पर चढ़कर जानकारी ली और इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का आश्वसन दिया।

Rafiganj, Aurangabad | Aug 16, 2026

"सरेआम दी धमकी: 'तुम्हारी औकात कैसे हुई?' वारिसलीगंज थाना प्रभारी का वायरल वीडियो देख भड़के लोग!"अरे भाई, बिहार पुलिस की 'मित्र पुलिस' वाली छवि का असली सच देखना है, तो नवादा जिले के वारिसलीगंज थाने से आया यह नया वायरल वीडियो देख लीजिए!

वीडियो में वारिसलीगंज के थानाध्यक्ष पंकज सैनी खुलेआम फरियादी पर धौंस जमाते और धमकाते दिख रहे हैं। थानेदार साहब कैमरे के सामने भड़कते हुए कहते हैं—'तुम्हारी औकात कैसे हो गई कि तुमने यह बात फेसबुक पर डाल दी?'

अरे साहेब बहादुरों! जनता जब अपनी गुहार लेकर, अपने हक की बात सोशल मीडिया पर लिखती है या सवाल पूछती है, तो खाकी वर्दी वाले अपनी मर्यादा भूलकर सीधे 'औकात' पर आ जाते हैं?

लोकतंत्र में जनता से सवाल पूछने का अधिकार छीनने वाले ये साहब भूल गए हैं कि उनकी तनख्वाह उसी आम जनता के टैक्स से आती है! अगर थाने में सही से सुनवाई होती, तो किसी आम नागरिक को सोशल मीडिया का सहारा क्यों लेना पड़ता?

अब सवाल सीधे नवादा के पुलिस अधीक्षक महोदय से है—क्या अपनी आवाज उठाने पर आम लोगों को इसी तरह थानेदारों की धमकियां सहनी पड़ेंगी? क्या ऐसे बेलगाम अफसरों पर जांच बैठाकर तुरंत कड़ी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए?

आपको क्या लगता है भाई, क्या एक पुलिस अधिकारी का जनता से 'औकात' पूछना सही है? अपनी राय नीचे कमेंट में लिखकर ज़रूर बताइए।#Bharatcrimelivenews #Warisaliganj #NawadaPolice #BiharPolice #ViralVideoBihar #BiharNews #SystemExposed #LawAndOrderBihar #GroundReport #BiharSignal #patnanewslive

"सरेआम दी धमकी: 'तुम्हारी औकात कैसे हुई?' वारिसलीगंज थाना प्रभारी का वायरल वीडियो देख भड़के लोग!"अरे भाई, बिहार पुलिस की 'मित्र पुलिस' वाली छवि का असली सच देखना है, तो नवादा जिले के वारिसलीगंज थाने से आया यह नया वायरल वीडियो देख लीजिए! वीडियो में वारिसलीगंज के थानाध्यक्ष पंकज सैनी खुलेआम फरियादी पर धौंस जमाते और धमकाते दिख रहे हैं। थानेदार साहब कैमरे के सामने भड़कते हुए कहते हैं—'तुम्हारी औकात कैसे हो गई कि तुमने यह बात फेसबुक पर डाल दी?' अरे साहेब बहादुरों! जनता जब अपनी गुहार लेकर, अपने हक की बात सोशल मीडिया पर लिखती है या सवाल पूछती है, तो खाकी वर्दी वाले अपनी मर्यादा भूलकर सीधे 'औकात' पर आ जाते हैं? लोकतंत्र में जनता से सवाल पूछने का अधिकार छीनने वाले ये साहब भूल गए हैं कि उनकी तनख्वाह उसी आम जनता के टैक्स से आती है! अगर थाने में सही से सुनवाई होती, तो किसी आम नागरिक को सोशल मीडिया का सहारा क्यों लेना पड़ता? अब सवाल सीधे नवादा के पुलिस अधीक्षक महोदय से है—क्या अपनी आवाज उठाने पर आम लोगों को इसी तरह थानेदारों की धमकियां सहनी पड़ेंगी? क्या ऐसे बेलगाम अफसरों पर जांच बैठाकर तुरंत कड़ी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए? आपको क्या लगता है भाई, क्या एक पुलिस अधिकारी का जनता से 'औकात' पूछना सही है? अपनी राय नीचे कमेंट में लिखकर ज़रूर बताइए।#Bharatcrimelivenews #Warisaliganj #NawadaPolice #BiharPolice #ViralVideoBihar #BiharNews #SystemExposed #LawAndOrderBihar #GroundReport #BiharSignal #patnanewslive

Rafiganj, Aurangabad | Aug 16, 2026

रफीगंज के कासमा रोड में स्वतंत्रता दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, छात्रों को किया गया सम्मानित 🇮🇳
#रफीगंज #कासमा #स्वतंत्रतादिवस #IndependenceDay #सांस्कृतिककार्यक्रम #छात्रसम्मान #शिक्षा #देशभक्ति #तिरंगा #औरंगाबाद #बिहार #BiharNews #RafiganjNews #LocalNews #Bharatcrimelivenews

रफीगंज के कासमा रोड में स्वतंत्रता दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, छात्रों को किया गया सम्मानित 🇮🇳 #रफीगंज #कासमा #स्वतंत्रतादिवस #IndependenceDay #सांस्कृतिककार्यक्रम #छात्रसम्मान #शिक्षा #देशभक्ति #तिरंगा #औरंगाबाद #बिहार #BiharNews #RafiganjNews #LocalNews #Bharatcrimelivenews

Rafiganj, Aurangabad | Aug 16, 2026

टिकारी-पंचानपुर मार्ग पर हाईवोल्टेज ड्रामा, सड़क पर लेटी महिला

गया के टिकारी-पंचानपुर मार्ग स्थित जुलाहबीघा पेट्रोल पंप के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक महिला चार बच्चों के पिता के साथ जाने की जिद पर अड़ गई। परिजनों द्वारा अनुमति नहीं देने पर महिला कथित तौर पर बीच सड़क पर लेट गई, जिसके बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।

घटना का वीडियो/मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। आखिर महिला ने ऐसा कदम क्यों उठाया, यह जांच का विषय है।

👉 आप इस पूरे मामले को लेकर क्या कहना चाहते हैं? कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर दें।
#Bharatcrimelivenews 
#टिकारी #पंचानपुर #जुलाहबीघा #गया #ViralNews #BiharNews #LocalNews

टिकारी-पंचानपुर मार्ग पर हाईवोल्टेज ड्रामा, सड़क पर लेटी महिला गया के टिकारी-पंचानपुर मार्ग स्थित जुलाहबीघा पेट्रोल पंप के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक महिला चार बच्चों के पिता के साथ जाने की जिद पर अड़ गई। परिजनों द्वारा अनुमति नहीं देने पर महिला कथित तौर पर बीच सड़क पर लेट गई, जिसके बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। घटना का वीडियो/मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। आखिर महिला ने ऐसा कदम क्यों उठाया, यह जांच का विषय है। 👉 आप इस पूरे मामले को लेकर क्या कहना चाहते हैं? कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर दें। #Bharatcrimelivenews #टिकारी #पंचानपुर #जुलाहबीघा #गया #ViralNews #BiharNews #LocalNews

Rafiganj, Aurangabad | Aug 16, 2026

70 साल की माँ ने बेटे के सपनों के लिए 18 साल तक संदूक में छिपाकर रखे ₹10 के नोट, चिट्ठी पढ़कर रो पड़ा पूरा गाँव। हिमाचल के भैरखाल गांव की कमला देवी ने हर हफ्ते थोड़ा-थोड़ा बचाकर जोड़े ₹3,67,400, मौत के बाद कपड़ों के नीचे मिली गड्डियां और एक भावुक चिट्ठी। कहते हैं माँ का प्यार कभी हिसाब नहीं मांगता। इसका जीता-जागता उदाहरण हिमाचल की तलहटी में बसे छोटे से गांव भैरखाल में देखने को मिला, जहां 70 वर्षीय कमला देवी के निधन के बाद उनके पुराने संदूक से ऐसी चीज़ निकली जिसने पूरे गांव की आँखें नम कर दीं। कमला देवी का निधन पिछले सप्ताह हो गया था। अंतिम संस्कार के बाद जब परिवार के लोग उनके पुराने कपड़ों और संदूक को संभाल रहे थे, तो कपड़ों के नीचे कई पॉलिथीन में लिपटी हुई ₹10 के नोटों की गड्डियां मिलीं। गिनने पर कुल रकम *₹3,67,400 निकली। और इन्हीं नोटों के ऊपर रखी थी एक मुड़ी-तुड़ी पुरानी चिट्ठी। चिट्ठी पर कांपते हाथों से लिखा था "ये पैसे मेरे बेटे के सपनों के लिए हैं। जब उसे सबसे ज्यादा जरूरत हो, तब उसे दे देना।" *त्याग और ममता की मिसाल* गाँव वालों के मुताबिक कमला देवी ने अपनी पूरी जिंदगी बेहद सादगी में गुजारी। उन्होंने कभी अपने लिए नए कपड़े नहीं खरीदे, न कभी स्वादिष्ट भोजन की इच्छा जताई। पेंशन और घर के छोटे-मोटे काम से जो भी पैसा मिलता, उसमें से हर हफ्ते ₹10-₹20 निकालकर वह संदूक में रख देती थीं। किसी को भनक तक नहीं लगी, यहां तक कि उनके बेटे मोहन सिंह को भी नहीं। *बेटे का रो-रोकर बुरा हाल* चिट्ठी पढ़ते ही बेटा मोहन सिंह फूट-फूटकर रो पड़ा। उसने बताया, "मुझे कभी पता ही नहीं चला कि माँ मेरे लिए इतने सालों से त्याग कर रही थीं। मैं सोचता था माँ पैसे कहां खर्च करती हैं। आज समझ आया, वो मेरे भविष्य के लिए जोड़ रही थीं। माँ ने जो किया, मैं कभी चुका नहीं सकता।" गाँव के प्रधान ने कहा कि कमला देवी का ये त्याग आज के समाज के लिए एक सीख है। #Bharatcrimelivenews #MaaKaPyaar #EmotionalStory #ViralNews #HimachalNews - Rafiganj News