Public App Logo
एक रात... तीन अस्पताल... और आखिरकार थम गई जिंदगी एक तरफ विकास के बड़े-बड़े दावे, दूसरी तरफ उत्तराखंड की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था—इलाज के लिए भटकते-भटकते चली गई एक और जान। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले से सामने आई यह घटना केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि पहाड़ की स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। भिकियासैंण विकासखंड के भौनली गांव के पूर्व ग्राम प्रधान गणेश गिरी (42) दीवार से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। परिवार उम्मीद लेकर उन्हें रात में पीएचसी भतरौंजखान पहुंचा, लेकिन अस्पताल पर ताला लटका मिला। जिस अस्पताल से जीवन बचाने की उम्मीद थी, वहीं इलाज के लिए इंतजार करना पड़ा। इसके बाद मरीज को रानीखेत और फिर अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। तीन अस्पतालों के चक्कर काटते-काटते गणेश गिरी की सांसें थम गईं। ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल का इमरजेंसी नंबर भी बंद था और समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल सकी। उनका कहना है कि यदि तुरंत इलाज मिलता, तो शायद आज गणेश गिरी अपने परिवार के बीच होते। गणेश गिरी अपने पीछे पत्नी, वृद्ध मां और दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। एक परिवार का सहारा हमेशा के लिए छिन गया। अब सवाल यह है कि इस दर्द की भरपाई कौन करेगा? सरकार अक्सर पहाड़ों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और विकास के दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर दिखाती है। आखिर कब तक पहाड़ के लोग इलाज के लिए अस्पताल-अस्पताल भटकते रहेंगे? कब तक समय पर उपचार न मिलने से लोगों की जान जाती रहेगी? यह घटना केवल एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था पर लगा ऐसा सवाल है, जिसका जवाब हर जिम्मेदार व्यवस्था को देना होगा। #Uttarakhand #Almora #Bhatronjkhan #HealthSystem #HealthcareCrisis #MedicalNegligence #JusticeForGaneshGiri #SaveLives #PahadKiAwaaz #UttarakhandNews #BreakingNews #HospitalNegligence #EmergencyCare #HealthForAll #PahadKiSamasya #उत्तराखंड #अल्मोड़ा #स्वास्थ्य_व्यवस्था #न्याय_दो #गणेश_गिरी #पहाड़_की_आवाज #उत्तराखंड_न्यूज #अस्पताल_लापरवाही #स्वास्थ्य_संकट - Uttarakhand News