बिहार में शराबबंदी को लेकर एक बार फिर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने शराबबंदी की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा किए जाने की बात कही है। उन्होंने हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के नेता जीतन राम मांझी के उस सुझाव का समर्थन किया, जिसमें शराबबंदी को गुजरात मॉडल की तर्ज पर लागू करने की बात कही गई थी।
पप्पू यादव का कहना है कि शराबबंदी का उद्देश्य सही है, लेकिन इसके लागू होने के तरीके का समय-समय पर आकलन होना चाहिए। उन्होंने इसके सामाजिक प्रभाव के साथ-साथ राज्य के राजस्व और अवैध शराब के कारोबार से जुड़े पहलुओं पर भी विचार करने की जरूरत बताई।
पप्पू यादव ने कहा कि सरकार को यह देखना चाहिए कि मौजूदा व्यवस्था से अपेक्षित परिणाम मिल रहे हैं या नहीं। जरूरत के मुताबिक नियमों और व्यवस्था में बदलाव पर विचार किया जा सकता है