📡बरेली में जीएसटी विशेष जांच दल (GST-SIT) और कैंट पुलिस ने 100 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी जीएसटी इनवॉइस और बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) घोटाले का बड़ा भंडाफोड़ किया है।
इस मामले में पुलिस ने फरार चल रहे ऑपरेटर फरजान हाशमी (फुरकान हाशमी) सहित 5 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।यह खबर वर्तमान में बरेली और उत्तर प्रदेश के व्यापारिक जगत में चर्चा का विषय बनी हुई है।
🚨 मुख्य अपडेट और गिरफ्तारियां.
🔹नेपाल से पकड़ा गया फरजान हाशमी: बरेली के मशहूर हाशमी सुरमा कारोबार से जुड़े परिवार का रिश्तेदार फरजान हाशमी जीएसटी की कार्रवाई शुरू होने के बाद नेपाल भाग गया था। वह वहां अपनी पहचान छिपाकर 'संदीप' नाम से हिंदू बनकर रह रहा था। वह पुलिस से बचने के लिए नॉर्मल कॉल की जगह 'जंगी ऐप' (Zangi App) के जरिए अपने साथियों से संपर्क में था।
🔹मास्टरमाइंड समेत 5 गिरफ्तार: इस सिंडिकेट का मुख्य सरगना (मास्टरमाइंड) सागर अग्रवाल बताया जा रहा है जो कई फर्मों का अकाउंटेंट था। इसके अलावा विनीत अरोरा, अनुज अग्रवाल और शिवम गुप्ता उर्फ लाला को भी गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में सद्दाम हुसैन और मोहम्मद समद उर्फ शाहरुख पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं।
💼 कैसे होता था खेल?
🔹(मोडस ऑपेरंडी)फर्जी आईडी से शैल कंपनियां: दिल्ली के आसिफ नाम के शख्स से फर्जी आधार और पैन कार्ड खरीदकर अस्तित्वहीन फर्में बनाई जाती थीं। फरजान के घर के पते पर 'एफएस ट्रेडर्स' नाम की फर्जी फर्म खुलवाई गई थी, जिसके बदले उसे 50 हजार रुपये मिले थे।
🔹डीएम कंपाउंड के सामने बना था ऑफिस: बरेली में डीएम कंपाउंड के ठीक सामने कार्यालय खोलकर फर्जी बिलिंग की पूरी चेन चलाई जा रही थी।
🔹बिना माल के करोड़ों के बिल: इन कागजी कंपनियों के माध्यम से बिना किसी वास्तविक माल की सप्लाई (No physical supply of goods) के करोड़ों रुपये के फर्जी इनवॉइस और बिल काटे जाते थे।
🔹म्यूल अकाउंट्स और हवाला लेनदेन: लाभार्थी फर्मों से पैसे प्राप्त करके अलग-अलग म्यूल बैंक खातों (जैसे अरहम एग्रो फूड्स) में मंगाया जाता था, फिर कैश विड्रॉ (नकद निकासी) करके आपस में हिस्सा बांटने के बाद पैसा वापस लाभार्थी कंपनियों तक पहुंचा दिया जाता था।
🔍 पुलिस की बरामदगी और अगली कार्रवाई.
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से 1 लैपटॉप और 6 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी चैट और डेटा के जरिए मनी ट्रेल का पता लगाया जा रहा है।इस फर्जीवाड़े में अब तक सोबती इंफ्रा, सोबती इंफ्राटेक, सिद्धि विनायक एंटरप्राइज, मां एंटरप्राइज जैसी 16 से 17 लास्ट बेनिफिशियरी (लाभार्थी) फर्मों के नाम सामने आए हैं। पुलिस इन सभी फर्मों के मालिकों और गिरोह के फरार सदस्यों (सैय्यद सैफ, आसिफ, शाजिज आदि) की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
#badaunharpalnews #budaunharpal #badaunharpal #GST #bareilly बदायूँ हर पल न्यूज़ @badaunharpalnews