ठकुरानी तीज पर चूंदड़ी के वस्त्रों में सजे श्रीजी, विशेष श्रृंगार के हुए दर्शन ।
पुष्टिमार्गीय वल्लभ संप्रदाय की प्रधानपीठ श्रीनाथजी मंदिर में शनिवार को विक्रम संवत 2083 श्रावण शुक्ल तृतीया के अवसर पर ठकुरानी तीज का उत्सव श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्रीजी को विशेष श्रृंगार धराया गया। मंदिर में ठकुरानी तीज के दर्शन के लिए वैष्णवों में विशेष उत्साह रहा।
ठकुरानी तीज के साथ ही श्रीजी को चूंदड़ी के वस्त्र धराने की परंपरा प्रारंभ होती है। आज श्रीजी को लाल रंग की चौफूली चूंदड़ी का पिछोड़ा तथा पीले रंग के ठाड़े वस्त्र धराए गए। श्रीमस्तक पर लाल चौफूली चूंदड़ी की छज्जेदार पाग के ऊपर सिरपैंच, लूम, सादी मोरपंख की चंद्रिका एवं बायीं ओर शीशफूल सुशोभित किया गया।
श्रीजी को आज वनमाला सहित उत्सव का भारी श्रृंगार धराया गया। श्रृंगार में हीरा, मोती, माणिक, पन्ना एवं जड़ाऊ स्वर्ण के आभूषण धारण कराए गए। श्रीकर्ण में हीरे के चार कर