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ये कुर्मी हृदय सम्राट जिस शिवकुमार तिवारी की हत्या करके जेल गए हैं! जिसे जोर शोर से 2024 के आदेश चौधरी हत्याकांड का आरोपी ओर उसमें जेल काट कर आया अपराधी बता रहे हैं.... 1. उसका नाम आदेश चौधरी हत्याकांड की एफआईआर में नहीं है वो आरोपी नहीं था ना जेल गया था.. उस मामले में चार लोग नामजद हुए थे.. 1.गोलू तिवारी 2.बृजेश तिवारी 3.दुर्गेश सिंह 4.आदित्यराज त्रिपाठी गोरखपुर के ssp ने भी शिवकुमार तिवारी को उस कांड के आरोपियों का रिश्तेदार बताया है,आरोपी नहीं.. 2. आदेश चौधरी कांड में शिवकुमार तिवारी का लाइसेंसी पिस्टल इस्तेमाल होने की बात कही जा रही है जो झूठ है.. वो लाइसेंसी असलहा अब भी परिवार के पास मौजूद है ओर उस कांड में "तमंचा" इस्तेमाल हुआ था.. तो अब इन शेरों बहादुरों ,, जिन्होंने एक आदमी को धोखे से ब्रह्मभोज के नाम पर बुलवा कर मार दिया.. उनके इस कर्म को जस्टिफाइ करने के लिए नए झूठ ढूंढो.. नए बहाने बनाओ.. असल में तिवारी जी आदेश चौधरी हत्याकांड के मुख्य आरोपियों के रिश्तेदार पट्टीदार थे.. इन लडबहेरों को बदला लेने के लिए मुख्य आरोपी नहीं मिले तो इन्होंने शिवकुमार को मार कर अपनी बदले की आग बुझाई है! ओर इनके मूर्ख शुभचिंतकों के हिसाब से इन्हें राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार ओर नगद इनाम देकर रिहा कर देना चाहिए.. क्योंकि इन नन्हे मुंहों ने कोई अपराध थोड़े ही किया है इन बेचारों ने तो बस बदला लिया है! #sad ! 🫡🫡

Sadar, Lucknow | Aug 13, 2026
ये कुर्मी हृदय सम्राट जिस शिवकुमार तिवारी की हत्या करके जेल गए हैं! जिसे जोर शोर से 2024 के आदेश चौधरी हत्याकांड का आरोपी ओर उसमें जेल काट कर आया अपराधी बता रहे हैं.... 1. उसका नाम आदेश चौधरी हत्याकांड की एफआईआर में नहीं है वो आरोपी नहीं था ना जेल गया था.. उस मामले में चार लोग नामजद हुए थे.. 1.गोलू तिवारी 2.बृजेश तिवारी 3.दुर्गेश सिंह 4.आदित्यराज त्रिपाठी गोरखपुर के ssp ने भी शिवकुमार तिवारी को उस कांड के आरोपियों का रिश्तेदार बताया है,आरोपी नहीं.. 2. आदेश चौधरी कांड में शिवकुमार तिवारी का लाइसेंसी पिस्टल इस्तेमाल होने की बात कही जा रही है जो झूठ है.. वो लाइसेंसी असलहा अब भी परिवार के पास मौजूद है ओर उस कांड में "तमंचा" इस्तेमाल हुआ था.. तो अब इन शेरों बहादुरों ,, जिन्होंने एक आदमी को धोखे से ब्रह्मभोज के नाम पर बुलवा कर मार दिया.. उनके इस कर्म को जस्टिफाइ करने के लिए नए झूठ ढूंढो.. नए बहाने बनाओ.. असल में तिवारी जी आदेश चौधरी हत्याकांड के मुख्य आरोपियों के रिश्तेदार पट्टीदार थे.. इन लडबहेरों को बदला लेने के लिए मुख्य आरोपी नहीं मिले तो इन्होंने शिवकुमार को मार कर अपनी बदले की आग बुझाई है! ओर इनके मूर्ख शुभचिंतकों के हिसाब से इन्हें राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार ओर नगद इनाम देकर रिहा कर देना चाहिए.. क्योंकि इन नन्हे मुंहों ने कोई अपराध थोड़े ही किया है इन बेचारों ने तो बस बदला लिया है! #sad ! 🫡🫡 - Sadar News