
नशा तस्करों की अवैध कमाई पर शिमला पुलिस का प्रहार, 40 लाख से अधिक की संपत्ति सीज
शिमला। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ शिमला पुलिस ने कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए अब तस्करों की अवैध कमाई और उससे अर्जित संपत्तियों पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस की ओर से एनडीपीएस मामलों में फाइनेंशियल इन्वेस्टीगेशन के जरिए आरोपियों के बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों की जांच की जा रही है।
इसी प्रक्रिया के तहत तीन एनडीपीएस मामलों में 40 लाख रुपये से अधिक मूल्य की चल-अचल और वित्तीय संपत्तियां सीज की गई हैं।
बालूगंज थाना: 23 लाख की संपत्ति सीज
एफआईआर नंबर 27/26, पुलिस थाना बालूगंज में 23 फरवरी 2026 को आईएसबीटी शिमला के समीप अविनाश चौहान के कब्जे से करीब 7 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किया गया था। मामले की आगामी जांच के दौरान विशाल यादव, जय प्रकाश यादव और रवि अहिरवार को भी गिरफ्तार किया गया।
फाइनेंशियल इन्वेस्टीगेशन के दौरान पुलिस के अनुसार सामने आया कि विशाल यादव और उसके सहआरोपी भाई जय प्रकाश यादव ने कथित तौर पर नशे के अवैध कारोबार से अर्जित धन से संपत्तियां खरीदीं।
जांच में पाया गया कि अप्रैल 2026 में विशाल यादव ने अपने भाई जय प्रकाश यादव के नाम पर करीब 22 लाख रुपये कीमत की Mahindra & Mahindra Scorpio-N खरीदी थी। इसके अलावा विशाल यादव के बैंक खाते में 1 जनवरी 2025 से 26 अगस्त 2026 तक करीब एक करोड़ रुपये का लेन-देन पाया गया। पुलिस के अनुसार आरोपियों की कोई वैध आय का स्रोत सामने नहीं आया।
वित्तीय जांच के आधार पर वाहन और बैंक खाते में उपलब्ध शेष राशि, जिनका कुल अनुमानित मूल्य करीब 23 लाख रुपये है, को एनडीपीएस एक्ट के तहत सीज किया गया है।
रामपुर के दो मामलों में 17.5 लाख की संपत्ति सीज
एफआईआर नंबर 52/2025, पुलिस थाना रामपुर में 13 मई 2025 को कुडीधार क्षेत्र में किराये के कमरे से 31 ग्राम चिट्टा/हेरोइन और 50,400 रुपये नकद बरामद किए गए थे। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
मामले की वित्तीय जांच में आरोपियों के बैंकिंग लेन-देन और संपत्तियों का विश्लेषण किया गया। पुलिस के अनुसार करीब 9.5 लाख रुपये मूल्य की ऐसी संपत्तियां सामने आईं, जिनका कोई वैध आय स्रोत नहीं मिला। इनमें एक गाड़ी, एक मोटरसाइकिल और एक स्कूटी शामिल हैं। इन्हें नियमानुसार सीज किया गया है।
वहीं, एफआईआर नंबर 64/2025 में 25 जून 2025 को नोगली बाजार स्थित बजीर बावड़ी रैन शेल्टर के पास आरोपी मनसा राम उर्फ मनीष को करीब 2.5 किलोग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया गया था। वित्तीय जांच के दौरान आरोपी के बैंक, डाकघर खातों और अन्य वित्तीय लेन-देन की पड़ताल की गई। पुलिस के अनुसार करीब 8 लाख रुपये की धनराशि प्रथम दृष्टया नशा तस्करी से जुड़ी पाई गई, जिसे नियमानुसार सीज किया गया है।
2026 में अब तक 12.5 करोड़ से अधिक की संपत्तियां सीज
शिमला पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक एनडीपीएस मामलों में फाइनेंशियल इन्वेस्टीगेशन के आधार पर 12.5 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की चल-अचल एवं वित्तीय संपत्तियां सीज की जा चुकी हैं।
पुलिस के मुताबिक वर्ष 2024 और 2025 के दौरान एनडीपीएस मामलों में इस तरह की फाइनेंशियल इन्वेस्टीगेशन नहीं की गई थी और इन दोनों वर्षों में अवैध संपत्तियों को सीज करने की कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।
शिमला पुलिस का कहना है कि नशा तस्करी के मामलों में अब कार्रवाई केवल नशीले पदार्थों की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि कथित तौर पर नशे के कारोबार से अर्जित धन और संपत्तियों की वित्तीय जांच भी की जा रही है।
#Shimla #ShimlaPolice #HimachalPradesh #NDPS #DrugFreeHimachal #Chitta #DrugSmuggling #FinancialInvestigation #UTHimachal #UTNews