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मथुरा। भगवान श्रीकृष्ण की पावन नगरी मथुरा, जहां सुबह की शुरुआत 'राधे-राधे' के जाप से होती है, इन दिनों साइबर अपराधियों की शरणस्थली बन चुकी है। जिले के कुल 8 गांव इस समय साइबर ठगी के सबसे बड़े केंद्र (एपिसेंटर) बनकर उभरे हैं, जहां से देश-भर के लोगों को रोजाना लाखों-करोड़ों रुपये का चूना लगाया जा रहा है। 🔹सीमावर्ती राज्यों तक फैला है नेटवर्क. मथुरा जिले के गोवर्धन, बरसाना, शेरगढ़ और कोसी क्षेत्र के 8 प्रमुख गांव—देवसेरस, दौलतपुर, जानू, हथिया, मंडोरा, मलसहाय और मुडसेरस—पुलिस के लिए सिरदर्द बन चुके हैं। जांच में सामने आया है कि इन ठगों का नेटवर्क बेहद शातिर है। जब भी स्थानीय पुलिस इन गांवों में छापेमारी करती है, ये अपराधी तुरंत अपनी सीमाएं बदलकर पड़ोसी राज्यों जैसे हरियाणा या राजस्थान में भाग जाते हैं। वहां कुछ दिन छिपने के बाद स्थिति सामान्य होते ही ये दोबारा लौट आते हैं और अपना काला धंधा शुरू कर देते हैं। 🔹पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई: जुलाई में बड़ी सफलता. साइबर अपराध की इस बढ़ती बाढ़ को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस ने जुलाई महीने में संगठित साइबर क्राइम के खिलाफ तीन बड़े अभियान चलाए। इस ताबड़तोड़ कार्रवाई में पीएसी (PAC) के जवानों, भारी पुलिस बल और वरिष्ठ अधिकारियों की टीम ने एक साथ चिन्हित गांवों में दबिश दी। पुलिस की इस मुस्तैद घेराबंदी के परिणामस्वरूप 300 से अधिक शातिर साइबर अपराधियों को रंगे हाथों गिरफ्तार करने में सफलता मिली है। #badaunharpalnews #budaunharpal #badaunharpal #mathuravrindavan #Cybersecurity बदायूँ हर पल न्यूज़ @badaunharpalnews - Budaun News