
भागदौड़ भरी जिंदगी में ज्ञान बने आधार, आत्मा के ऊर्ध्वारोहण का दिया संदेश
महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल में ‘छूए ज्ञान सम्पदा के रहस्यों को’ कार्यशाला आयोजित
महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल में ‘छूए ज्ञान सम्पदा के रहस्यों को’ विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में परम पूज्य आचार्य श्री महाश्रमणजी की प्रबुद्ध सुशिष्या शासन श्री साध्वी कंचनप्रभाजी ने उपस्थित विद्यार्थियों एवं श्रद्धालुओं को ज्ञान, संयम और आत्मविकास की प्रेरणा दी।
शासन श्री साध्वी कंचनप्रभाजी ने कहा कि हमारी आत्मा में विशाल ज्ञान राशि का भंडार है। द्रव्य और क्षेत्र की भूमिका के अनुसार कभी ज्ञान विकसित होता है तो कभी अज्ञान का रूप ले लेता है। क्रोध आदि कषाय भी इसमें निमित्त बनते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी साधना ऐसी होनी चाहिए कि ऋजुता और मृदुता के माध्यम से हम ज्ञान की ऊंचाइयों तक पहुंचें और आत्मा का ऊर्ध्वारोहण करें। केवल ज्ञान की प्राप्ति हो जाए तो जीवन में सब कुछ प्राप्त किया जा सकता है।
शासन श्री साध्वी मंजुरेखाजी ने कहा कि जब तक जीवन को सही दिशा नहीं मिलती, तब तक मनुष्य जन्म की सार्थकता समझ में नहीं आती। वर्तमान जीवनशैली में घटित हो रही अनेक अप्रिय घटनाओं के पीछे अज्ञान की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को मति ज्ञान और श्रुत ज्ञान के आधार पर संस्कारित एवं सशक्त बनाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी ऊर्जा को संयम के परमाणुओं से परिष्कृत और पुष्ट करना चाहिए। इससे व्यक्ति अपनी मंजिल प्राप्त कर सकता है और यह सिद्ध कर सकता है कि व्यक्तित्व एवं विचारों का जीवन में कितना महत्व है।
कार्यशाला में फाउंडेशन के अध्यक्ष कुंदनमल धाकड़, कार्याध्यक्ष गणपतलाल डागलिया, सभा के उपाध्यक्ष दिनेश धाकड़, तेयुप अध्यक्ष सुमीत सुराणा, कोषाध्यक्ष रोनक धाकड़, महिला मंडल अध्यक्ष लतिका डागलिया सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की जानकारी सभा के मीडिया प्रभारी नितेश धाकड़ ने दी।
समाचार प्रदाता : नितेश धाकड़